खंडवा के कालमुखी में देहदान की अनोखी मिसाल, 85 वर्षीय महिला समेत 5 लोगों ने लिया बड़ा संकल्प
*कालमुखी में किया देहदान जागरूकता अभियान*
*श्यामाबाई गुप्ता सहित 05 लोगों ने की देहदान की घोषणा*
खण्डवा ।खण्डवा जिले के ग्राम कालमुखी में नंदकुमार सिंह चौहान शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय , नेत्रदान देहदान व अंगदान जनजागृति समिति के तत्वावधान में जिला चिकित्सालय,सक्षम संस्था,लायन्स क्लब खण्डवा व सेवा भारती के सहयोग से देहदान जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों को मरणोपरांत देहदान के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई एवं देहदान घोषणा पत्र भरवाए गए।इस अवसर पर सक्षम संस्था के अध्यक्ष एवं लायन्स नेत्रदान-देहदान एवं अंगदान जनजागृति समिति के संयोजक नारायण बाहेती तथा समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि समाजसेवी पंकज गुप्ता के विशेष सहयोग से आयोजित इस अभियान से प्रेरित होकर *85 वर्षीय श्रीमती श्यामाबाई गुप्ता* पत्नी स्व. शंकरलाल गुप्ता सहित सुरेन्द्र एस. गुप्ता,
पद्मश्री पं रामनारायण जी उपाध्याय के परिवार के डॉ. बसंत उपाध्याय, श्रीमती सुधा उपाध्याय एवं श्रीमती सरस्वती सुकील ने देहदान घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए।
सभी देहदानियों ने अपने परिजन *पंकज गुप्ता, अनिल उपाध्याय एवं शरद सुकील* की सहमति युक्त घोषणा पत्र समिति को सौंपे। समिति द्वारा यह 182 वा देहदान घोषणा पत्र हैं।समिति ने इससे पूर्व 177 घोषणा पत्र भरकर जमा किये ।
कार्यक्रम में चिकित्सा महाविद्यालय से *डॉ. विनीत गुहिया, डॉ. राजीव जोशी, डॉ. बुद्धदेब घोष, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.के. सेठिया* एवं उनकी टीम उपस्थित रही। टीम ने ग्रामीणों की देहदान से संबंधित सभी शंकाओं का समाधान किया।
*सक्षम खण्डवा के अध्यक्ष नारायण बाहेती* ने कहा कि “यह घोषणा समाज में बढ़ती मानवीय चेतना और सेवा भाव का प्रमाण है।”_
डॉ विनित गोहिया व वक्ताओं ने देहदान व नेत्रदान की विस्तृत जानकारी देते हुए सभी की जिज्ञासा को शांत किया।
कार्यक्रम में राजीव मालवीय, आशा उपाध्याय, घनश्याम वाधवा, राजीव शर्मा, योगेश कोटवाले, पांडे जी, अपूर्व उपाध्याय* सहित सक्षम संस्था, लायन्स क्लब खण्डवा, लियो क्लब खण्डवा एवं महर्षि दधीचि समिति के पदाधिकारी एवं ग्राम के समाजसेवी सुभाष गुप्ता अनिल माहेश्वरी, गोविंद वर्मा चंद्रप्रकाश पंवार उपस्थित थे।
देहदान की घोषणा करते हुए श्रीमती श्यामाबाई गुप्ता ने कहा –
_”मृत्यु के बाद शरीर को जलाकर नष्ट करने से बेहतर है कि वह किसी के जीवन के काम आए। हमारे नेत्र किसी को दृष्टि दे सकते हैं और हमारी देह मेडिकल विद्यार्थियों को शिक्षा देकर समाज के लिए अच्छे चिकित्सक तैयार कर सकती है।”_
समिति के सहयोग से अब तक *24 देह चिकित्सा महाविद्यालय को सुपुर्द* की जा चुकी हैं तथा *522 दिवंगत व्यक्तियों के नेत्रदान* सफलतापूर्वक संपन्न कराए जा चुके हैं। कार्यक्रम को स्थानीय सरपंच श्रीमती मनिषा गोविंद वर्मा ने भी सम्बोधित करते हुए देहदांन के महत्व को प्रतिपादित किया।कार्यक्रम का संचालन करते हुए पंकज गुप्ता ने कहाकि माताजी की बहुत दिनों से देहदान घोषणा की इच्छा थी।उन्होंने कालमुखी को हर क्षेत्र में अग्रणी बताया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।ग्रामीण जनों ने भविष्य में परिवारजनों की सहमति से नेत्रदान व देहदान के घोषणा पत्र भरने की बात कही।
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