खंडवा : भाभी का नहाते हुए बना लिया विडिओ, फिर एक साल तक ब्लैकमेल कर किया रेप
खंडवा जिले के खालवा थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों में भरोसे और सामाजिक मर्यादाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक 30 वर्षीय विवाहिता महिला ने अपने दूर के रिश्ते में लगने वाले देवर पर ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी इंदौर में काम करता है और करीब एक वर्ष पहले उनके घर आया था। वह एक-दो दिन तक घर पर रुका रहा। इसी दौरान उसने कथित रूप से महिला का नहाते समय वीडियो बना लिया। महिला का आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उस वीडियो को अपना हथियार बना लिया और उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
महिला के अनुसार आरोपी बार-बार कहता था कि यदि उसने उसकी बात नहीं मानी तो वह वीडियो उसके पति को दिखा देगा और सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। बदनामी और परिवार टूटने के डर से महिला मानसिक दबाव में आ गई। इसी भय का फायदा उठाते हुए आरोपी ने कथित तौर पर कई बार उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी लगातार धमकियां देता रहा और इसी कारण वह लंबे समय तक किसी को कुछ नहीं बता सकी। लेकिन जब मामला हद से ज्यादा बढ़ गया तो उसने हिम्मत जुटाई और खालवा थाने पहुंचकर पूरी घटना की शिकायत पुलिस को दी।
पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच की जा रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि फिलहाल महिला के पास कथित वीडियो का कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य उपलब्ध नहीं है, लेकिन शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। जब रिश्तों की आड़ में विश्वास का दुरुपयोग किया जाता है तो उसका असर केवल एक व्यक्ति या एक परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे सामाजिक ताने-बाने पर पड़ता है। परिवार और रिश्ते विश्वास की नींव पर टिके होते हैं, लेकिन जब कोई व्यक्ति उसी विश्वास को हथियार बनाकर किसी महिला का शोषण करने की कोशिश करता है, तो यह समाज के लिए चिंताजनक स्थिति बन जाती है।
विशेषज्ञ भी मानते हैं कि ब्लैकमेलिंग और साइबर धमकियों के ऐसे मामलों में पीड़ितों को चुप रहने के बजाय तुरंत कानूनी सहायता लेनी चाहिए। डर और बदनामी की आशंका अक्सर अपराधियों को और अधिक हिम्मत देती है, जबकि समय पर की गई शिकायत कई बार बड़े अपराधों को रोक सकती है।
फिलहाल खालवा पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपी की तलाश की जा रही है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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