खंडवा: 12 बोतल खून चढ़ाकर बचाई प्रसूता आरती की जान, जिला अस्पताल की टीम ने किया सफल उपचार
खंडवा, 17 अगस्त 2026। जिला चिकित्सालय सह मेडिकल कॉलेज खंडवा में चिकित्सकों की तत्परता और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से गंभीर हालत में पहुंची प्रसूता आरती की जान बचाई गई। निहालवाड़ी निवासी श्रीमती आरती पति यशवंत प्रसव पीड़ा के चलते अस्पताल में भर्ती हुई थीं। जांच के दौरान गर्भस्थ शिशु की धड़कन कम होने पर चिकित्सकों ने तत्काल सी-सेक्शन सिजेरियन ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।
ऑपरेशन के बाद आरती को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा और उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई। स्थिति को देखते हुए डॉ. निशा पवार और डॉ. लक्ष्मी डुडवे को तत्काल बुलाया गया। महिला की जान बचाने के लिए इमरजेंसी में हिस्टेरेक्टॉमी ऑपरेशन किया गया।
इलाज के दौरान आरती को लगातार 12 बोतल खून चढ़ाया गया। इसके साथ आवश्यक ब्लड कंपोनेंट्स और दवाएं दी गईं, जिसके बाद रक्तस्राव नियंत्रित हुआ और उनकी स्थिति स्थिर होने लगी। इसके बाद उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर वेंटिलेटर पर रखा गया।
डॉ. निशा पवार, डॉ. लक्ष्मी डुडवे, नर्सिंग ऑफिसर छाया चौहान और मनीषा बोडिया ने लगातार तीन दिनों तक मरीज की निगरानी करते हुए उपचार किया। अस्पताल की टीम की मेहनत और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते आरती के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ।
अब जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
आरती के पति यशवंत ने जिला अस्पताल की पूरी टीम का आभार जताते हुए कहा कि चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के विशेष प्रयासों से उनकी पत्नी और बच्चे की जान बच सकी। उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड होने के कारण आयुष्मान भारत योजना के तहत उनकी पत्नी का पूरा इलाज निशुल्क हुआ। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भी आभार व्यक्त किया।
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