किसानों के लिए ‘कवच’ योजना बनी आर्थिक सुरक्षा की ढाल, 5 हजार किसानों को मिलेगा लाभ
खंडवा, 17 अगस्त 2026। किसानों की मेहनत को आर्थिक सुरक्षा देने और उन्हें संस्थागत ऋण व्यवस्था से दोबारा जोड़ने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार ने ‘कवच योजना’ को मंजूरी दी है। किसान कल्याण वर्ष 2026 में लिया गया यह निर्णय उन किसानों के लिए राहत लेकर आया है, जिनके ऋण खातों से जुड़ी गड़बड़ियों की जांच लंबित होने के कारण नई ऋण सुविधा और शासकीय योजनाओं का लाभ प्रभावित हो रहा था।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 4 अगस्त 2026 को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में सहकारिता विभाग की ‘कवच योजना’ को मंजूरी दी गई।
करीब 5 हजार किसानों को मिलेगा लाभ
योजना के तहत सहकारी समितियों से जुड़े लगभग 5 हजार किसान लाभान्वित होंगे। ऋण खातों में हुई गड़बड़ियों की जांच लंबित रहने के कारण जिन किसानों के लिए नई ऋण सुविधा का रास्ता बाधित था, उन्हें दोबारा संस्थागत ऋण व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य है कि किसी जांच या प्रशासनिक प्रक्रिया के लंबित रहने का असर किसान की खेती और आजीविका पर अनिश्चितकाल तक न पड़े। योजना के माध्यम से प्रभावित किसानों को नया ऋण उपलब्ध कराने का रास्ता तैयार किया जाएगा।
50 करोड़ रुपये तक की विशेष निधि
किसानों को नई ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंक अपने स्तर पर 50 करोड़ रुपये की सीमा तक विशेष निधि का निर्माण करेंगे। वहीं राज्य सरकार की ओर से किसान हित में 25 करोड़ रुपये की एकमुश्त अंशपूंजी सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
समय पर ऋण से खेती को मिलेगी मजबूती
संस्थागत कृषि ऋण किसानों के लिए खेती का महत्वपूर्ण वित्तीय आधार है। समय पर ऋण उपलब्ध होने से किसान बीज, खाद, कृषि यंत्र, सिंचाई और अन्य कृषि गतिविधियों के लिए आवश्यक पूंजी की व्यवस्था कर सकेंगे। इससे किसानों को महंगे कर्ज पर निर्भरता से बचाने में भी मदद मिलेगी।
सरकार का कहना है कि ‘कवच योजना’ का उद्देश्य केवल प्रभावित किसानों को राहत देना नहीं, बल्कि उन्हें फिर से सहकारी बैंकिंग प्रणाली और संस्थागत ऋण व्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि किसान अपनी कृषि गतिविधियों को निर्बाध रूप से आगे बढ़ा सकें और शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
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