पसंदीदा स्कूल में दाखिला नहीं मिलने पर घर छोड़ निकला छात्र, खंडवा में काउंसलिंग के बाद परिवार से मिला

मुंबई से बिना टिकट ट्रेन में बैठकर मां के पास जा रहा था नाबालिग, बाल कल्याण समिति की समझाइश से सुलझा मामला
खंडवा। पसंदीदा स्कूल में प्रवेश नहीं मिलने से नाराज एक नाबालिग छात्र घर छोड़कर बिना टिकट ट्रेन से अपनी मां के पास जाने निकल पड़ा। टिकट जांच के दौरान टीटीई ने उसे खंडवा रेलवे स्टेशन पर उतार दिया, जहां रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने उसे संरक्षण में लेकर आवश्यक कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार, मुंबई में सातवीं कक्षा में अध्ययनरत छात्र मनचाहे विद्यालय में प्रवेश नहीं मिलने से निराश था। इसी नाराजगी में उसने घर छोड़ने का फैसला किया और बिना किसी को बताए ट्रेन में सवार होकर अपनी मां के पास जाने निकल पड़ा।
खंडवा रेलवे स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान मामला सामने आने पर आरपीएफ ने बालक को अपने संरक्षण में लिया और उसे बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में बच्चे की मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की गई। बातचीत और समझाइश के दौरान बालक ने अपनी नाराजगी और भावनात्मक स्थिति साझा की। समिति ने उसके परिजनों से संपर्क कर पिता को खंडवा बुलाया, जिसके बाद बालक को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कर दिया गया।
इस दौरान समिति सदस्य मोहन मालवीय एवं कविता पटेल के साथ जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी टीका सिंह बिल्लौरे, पुष्पेंद्र सिंह मंडलोई और धर्मेंद्र चौहान भी मौजूद रहे।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों पर बढ़ती अपेक्षाओं और भावनात्मक दबाव का असर देखने को मिल रहा है। कई बार बच्चे आवेश में ऐसे निर्णय ले लेते हैं, जो उनके लिए जोखिम भरे साबित हो सकते हैं।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें, उनकी भावनाओं और समस्याओं को समझें तथा उन्हें खुलकर अपनी बात रखने का अवसर दें। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान घर छोड़ना नहीं, बल्कि परिवार के साथ बातचीत और समझदारी से रास्ता निकालना है।
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