अतिवर्षा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए प्रभारी कलेक्टर डा. गौड़ा ने*

खंडवा 30 जुलाई 2026, खंडवा नगर में गुरुवार को हुई लगातार भारी वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रभारी कलेक्टर डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने नगर निगम एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नदी नालों के किनारे स्थित क्षेत्रों में विशेष नजर रखी जाए, जहां भी राहत की जरूरत हो, तत्काल नागरिकों को मदद उपलब्ध कराएं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि राहत शिविर स्थापित कर अतिवर्षा प्रभावित नागरिकों को शिफ्ट करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए।
प्रभारी कलेक्टर डॉ. गौड़ा ने नागरिकों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाएं और अपने बच्चों को नालों एवं जलमग्न स्थानों के समीप न जाने दें तथा किसी भी आपात स्थिति में राहत की आवश्यकता होने पर तत्काल कंट्रोल रूम अथवा संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। गुरुवार रात में प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों ने अतिवर्षा प्रभावित निचले इलाकों में जाकर प्रभावित परिवारों से चर्चा की और उन्हें राहत शिविरों में जाने की समझाइश दी।
नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रियंका राजावत ने बताया कि नगर पालिक निगम खंडवा द्वारा अतिवर्षा प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा एवं त्वरित राहत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए राहत एवं बचाव कार्यों के लिए विशेष दल गठित किए गए हैं।
नगर निगम द्वारा संभावित जलभराव एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत शिविरों का चयन कर लिया गया है। प्रत्येक राहत शिविर हेतु प्रभारी अधिकारी एवं सहायक अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है गई है। ये अधिकारी कर्मचारी आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, उनके ठहरने तथा आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य करेंगे। संबंधित अधिकारियों को चौबीसों घंटे मोबाइल पर उपलब्ध रहने एवं किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम आयुक्त श्रीमती राजावत ने बताया कि खंडवा शहर में जो सुरक्षित आश्रय केंद्र बनाये गए हैं उनमें एमएलबी स्कूल, जनता स्कूल , कस्तूरबा विद्यालय , रामनगर प्राथमिक शाला , मोहनलाल स्कूल , शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला में बाढ़ प्रभावित लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है । उन्होंने बताया कि आपदा की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के लिए नगर निगम कंट्रोल रूम को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा गया है। कंट्रोल रूम में 3 शिफ्टों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो कि प्राप्त शिकायतों का तत्काल पंजीयन कर संबंधित राहत दल को मौके पर रवाना करेंगे तथा जिला प्रशासन एवं पुलिस कंट्रोल रूम से निरंतर समन्वय बनाए रखेंगे।
आयुक्त श्रीमती राजावत ने बताया कि नगर निगम द्वारा राहत शिविरों में प्रभावित नागरिकों के लिए प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, भोजन, टेंट, बिस्तर एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रकाश व्यवस्था के लिए पृथक अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है, वहीं जल विभाग को टैंकरों एवं अन्य संसाधनों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि लगातार वर्षा के कारण नालों एवं नालियों में अवरोध तथा जलभराव की समस्या को देखते हुए नगर निगम के सभी जोनों में विशेष सफाई अभियान संचालित किया जा रहा है। जोन प्रभारियों एवं स्वास्थ्य निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर जल निकासी बाधित करने वाले अवरोधों को तत्काल हटाने तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सफाई अमला तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। कंट्रोल रूम में भी अतिरिक्त सफाई दल को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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