वर्षा ऋतु में जलजनित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के उपाय करें*
खंडवा 30 जुलाई 2026, वर्षा ऋतु में संक्रामक रोग हैजा, उल्टी-दस्त, पैचिस, खसरा, मलेरिया, पीलिया जैसी बीमारीयां उत्पन्न होती है। नदी, तालाब जैसे जल स्त्रोतों के पास जब लोग मल त्याग करते है तो मल में मौजूद रोगाणु पानी में मिल जाते है ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जब लोग स्नान करते हैं, कपड़े धोते है या पशुओं को नहलाते है तो अनेक रोगाणु पानी में फैल सकते है जब पीने के लिए या भोजन पकाने के लिए ऐसे प्रदूषित व गंदे जल का उपयोग किया जाता है यह रोगाणु शरीर में प्रवेश कर कई प्रकार की बीमारियों से पीड़ित हो जाते जिसके काराण दस्त, हेजा, टाईफाईड, पीलिया, खूनी पैचिस, तथा कृमि रोग तथा आंव दस्त जैसी कई बीमारियां होती है ।
वर्षा ऋतु में जल जनित रोगों से बचाव के लिए हमेशा शुद्ध जल स्त्रोत का प्रयोग किया जाना चाहिए। हेण्डपम्प का पानी सबसे सुरक्षित साधानों में से एक है । पानी को हमेशा छानकर इस्तेमाल करने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है । कुंओं के पानी में नियमित ब्लीचिंग पाउडर डाला जाना चाहिए । साथ ही पीने के पानी को हमेशा साफ बर्तन में ही रखना चाहिए प्रतिदिन पानी के बर्तन को साफ करें, ताकि उसमें काई न जमने पाए और पीने के पानी को हमेशा ढक कर रखें । पानी को दोहरे कपड़े से छानकर भरा जाना चाहिए। पानी निकालने के लिए लम्बे हेण्डिल वाले बर्तन का प्रयोग करें । पीने के पानी में हाथ न डाले । एक घड़े या मटकें में एक क्लोरिन गोली पीस कर डालना चाहिए। आधे घण्टे तक इसे ढककर रखने के बाद ही पानी पीने के लिए उपयोग करना चाहिए । उल्टी-दस्त दूषित पानी से होने वाली बीमारियों में प्रमुख है, दस्त रोग होने पर ओ.आर.एस. पेकेट एक लीटर स्वच्छ व शुद्ध पानी को घोलकर रोगी को पिलाना शुरू कर देना चाहिए। दूध पीने वाले शिशु का दूध बंद नहीं करना चाहिए । दस्त के साथ उल्टीयां शुरू होने पर शीघ्र ही स्वास्थ्य कार्यकर्ता या चिकित्सक को बताकर उपचार लेना चाहिए । ओ.आर.एस. पेकेट सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनवाडी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता के पास निःशुल्क उपलब्ध रहते है । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ओपी जुगतावत ने सलाह दी है कि बाजार में बिकने वाले सडे़-गले खाद्य सामग्री व फल आदि न खरीदे।
Read Next
खंडवा
खंडवा
खंडवा 



