जल संचय जन भागीदारी अभियान में खंडवा की बड़ी उपलब्धि, 4.22 लाख जल संरचनाओं के निर्माण के साथ देश में पांचवां स्थान

खंडवा, 01 जून 2026। जल संरक्षण और भूजल संवर्धन की दिशा में खंडवा जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। “जल संचय जन भागीदारी” 2.0 अभियान के तहत जिले में 4 लाख 22 हजार 599 जल संरचनाओं का निर्माण कर खंडवा ने देशभर में पांचवां तथा अपने जोन में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
जिला पंचायत खंडवा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने बताया कि कलेक्टर ऋषव गुप्ता के मार्गदर्शन में जिले में मिशन अमृत संचय और गांव का पानी गांव अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया गया। अभियान का उद्देश्य वर्षा जल संचयन, भूजल स्तर में वृद्धि तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना रहा।
अभियान के अंतर्गत जिले की विभिन्न जनपद पंचायतों में बड़े पैमाने पर जल संरचनाओं का निर्माण किया गया। जनपद पंचायत बलड़ी में 9,620, छैगांवमाखन में 59,982, हरसूद में 30,642, खालवा में 68,789, खंडवा में 36,750, पंधाना में 72,500 तथा पुनासा में 67,474 जल संरचनाएं निर्मित की गईं। इस प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 3,45,757 जल संरचनाओं का निर्माण किया गया।
इसके अतिरिक्त वन क्षेत्रों में 63,592 सोकपिट, रिचार्ज पिट, कंटूर ट्रेंच एवं रोड साइड ट्रेंच बनाए गए। वहीं 13,250 अन्य जल संरक्षण संरचनाओं जैसे बोरी बंधान, गली प्लग, एलबीएस, हैंडपंप सोख्ता गड्ढा एवं सूखे बोरवेल रिचार्ज गड्ढों का निर्माण भी किया गया।
डॉ. गौड़ा ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए जिले की सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, सहायक यंत्रियों और उपयंत्रियों को लक्ष्य निर्धारित कर समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों से निर्धारित लक्ष्य हासिल करते हुए जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है।
विशेषज्ञों के अनुसार इन जल संरचनाओं के निर्माण से वर्षा जल का अधिकतम संचयन होगा, भूजल स्तर में सुधार आएगा तथा आने वाले वर्षों में जल संकट की समस्या को कम करने में सहायता मिलेगी। यह उपलब्धि जल संरक्षण के क्षेत्र में खंडवा जिले की प्रतिबद्धता और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है।
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