मध्यप्रदेश के खंडवा में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से 4 वर्षीय राजा की जिंदगी बदली, कोक्लियर इम्प्लांट के बाद सुनने और बोलने लगा मासूम

खंडवा, 7 अगस्त 2026। खंडवा जिले के कालमुखी गांव निवासी जय सैंधव के चार वर्षीय पुत्र राजा के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया। जन्म से ही सुनने और बोलने में असमर्थ राजा का सरकारी खर्च पर सफल कोक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन कराया गया, जिसके बाद अब वह धीरे-धीरे सुनने और बोलने लगा है।
राजा के पिता जय सैंधव ने बताया कि बेटे की समस्या को लेकर पहले कालमुखी के अस्पताल पहुंचे, जहां से उन्हें जिला अस्पताल खंडवा भेजा गया। जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञों ने जांच के बाद कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की सलाह दी और बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत यह ऑपरेशन निशुल्क कराया जा सकता है।
इसके बाद आरबीएसके समन्वयक महेश पंवार के मार्गदर्शन में राजा को इंदौर स्थित अरविंदो अस्पताल भेजा गया, जहां आवश्यक जांच और परीक्षण किए गए। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ. पी. जुगतावत की अध्यक्षता में आयोजित समिति की बैठक में 6.50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
अप्रैल 2026 में इंदौर के अरविंदो अस्पताल में राजा की सफल कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद लगातार फॉलोअप और थेरेपी के चलते अब राजा पहले की तुलना में सुनने और बोलने लगा है।
राजा के पिता जय सैंधव ने कहा कि सरकारी योजना की बदौलत उनके बेटे को नया जीवन मिला है। उन्होंने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े सभी अधिकारियों एवं चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया।
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