खंडवा: 25 मकानों पर बुलडोज़र चलाने के हाई कोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक।
खंडवा में तालाब की जमीन पर वर्षों से रह रहे 25 परिवारों पर नगर निगम की बुलडोजर कार्यवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी। अगली सुनवाई तीन अगस्त को होगी। खंडवा के शक्कर तालाब क्षेत्र में पिछले साल नगर निगम ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए 87 मकानों को हटाया था। नगर निगम ने कुल 112 मकान चिन्हित किए थे। 25 परिवारों के पास न्यायालय के स्टे और सरकारी दस्तावेज थे, इस वजह से उन पर कार्यवाही नहीं हुई थी। बाद में जबलपुर हाई कोर्ट ने इन मकानों को हटाने के आदेश दिए थे। इसी आदेश के खिलाफ लीगल सामाजिक संस्था एसोसिएशन प्रोटेक्शन ऑफ़ सिविल राइट्स APCR सुप्रीम कोर्ट गई थी। यहां सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार तक इस आदेश पर रोक लगा दी।
खंडवा में वर्षों पुराना शक्कर तालाब है शहर के विस्तार होने की वजह से तालाब की जमीन ने जल भराव नहीं होने की वजह से धीरे-धीरे इस पर अतिक्रमण होते गया। पिछले साल जून महीने में नगर निगम ने इस तालाब की जमीन पर पुनःतालाब और पार्क विकसित करने के लिए यहां से अतिक्रमण हटाए थे। लगभग 87 मकानो पर बुलडोजर कार्रवाई हुई थी। लगभग 25 मकान ऐसे थे जिनके पास कुछ शासकीय दस्तावेज मौजूद थे, उन पर कार्यवाही नहीं हो पाई थी। बाद में जबलपुर हाईकोर्ट ने इन मकानों को भी हटाने के आदेश दिए थे।
इस कार्रवाई और जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ APCR सामाजिक संस्था सुप्रीम कोर्ट गई थी। जहां सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार तक इन मकानों पर बुलडोजर एक्शन पर स्टे लगा दिया। अब अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।
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