ओंकारेश्वर के ममलेश्वर मंदिर में होंगे बड़े बदलाव! सिंहस्थ 2028 से पहले बदलेगी पूरी तस्वीर-कलेक्टर
कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने बताया कि ममलेश्वर मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है तथा ओम्कारेश्वर आने वाले लगभग सभी श्रद्धालु ओंकारेश्वर मंदिर के साथ-साथ ममलेश्वर मंदिर में दर्शन करने हेतु आते हैं। यह मंदिर भारतीय पुरातत्व संरक्षण के अधीन संरक्षित है। पिछले काफी समय से ममलेश्वर मंदिर में अव्यवस्थाओं की शिकायते प्राप्त हो रही थी। इन्हें ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं में सुधार के उद्देश्य से ममलेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। प्रबंधन समिति की नियमित रूप से बैठक होती है।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने बताया कि मंदिर परिसर में मूलभूत सुविधाओं में लगातार सुधार करने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए ममलेश्वर मंदिर में विकास कार्यों के लिए डीपीआर तैयार है। इस संबंध में टेंडर खोलने की प्रक्रिया के बाद विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मंदिर में रखी दान पेटियों को वीडियोग्राफी के साथ कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में प्रत्येक 15 दिन में खोला जाता है, तथा प्राप्त राशि को मंदिर के बैंक खाते में जमा कराया जाता है। इस जमा राशि से मंदिर प्रबंधन में लगे कर्मचारी का वेतन भुगतान भी किया जाता है। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में क्यू मैनेजमेंट सिस्टम में सुधार किया जाएगा तथा जूता घर और प्रशासनिक क्षेत्र का निर्माण कराया जाएगा। मंदिर परिसर में यह सभी कार्य एवं अन्य आवश्यक विकास कार्य ममलेश्वर मंदिर समिति के बैंक खाते में जमा राशि से कराए जाएंगे।
Read Next
खंडवा
खंडवा
खंडवा
खंडवा
खंडवा 


