खंडवा : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत में सजा ओंकारेश्वर!कई एकड़ में बना भव्य पंडाल बना आकर्षण
मध्यप्रदेश की पवित्र तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर इन दिनों देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित दौरे को लेकर पूरी तरह सज-धज कर तैयार हो रही है। राष्ट्रपति के आगमन से पहले जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और विभिन्न विभाग युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटे हुए हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 18 जून को ओंकारेश्वर पहुंचने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, संभागायुक्त, आईजी और डीआईजी सहित वरिष्ठ अधिकारी लगातार ओंकारेश्वर पहुंचकर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पूरे क्षेत्र को हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील किया जा रहा है।
लेकिन इन तैयारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा जिस चीज की हो रही है, वह है राष्ट्रपति के स्वागत के लिए बनाया जा रहा विशाल और भव्य पंडाल।
ओंकारेश्वर में नर्मदा तट के समीप उसी क्षेत्र में, जहां कुछ समय पहले पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा आयोजित हुई थी, वहां कई एकड़ क्षेत्र में विशाल पंडाल आकार ले चुका है। दूर से देखने पर ही इसकी भव्यता लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है।
पंडाल को विशेष रूप से राष्ट्रपति स्तरीय कार्यक्रमों की गरिमा के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। परिसर में राष्ट्रपति भवन में उपयोग किए जाने वाले प्रोटोकॉल झंडों की तर्ज पर विशेष ध्वज लगाए गए हैं। सुरक्षा, बैठक व्यवस्था, वीआईपी मूवमेंट, मीडिया कवरेज और आमंत्रित अतिथियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पंडाल को कई हिस्सों में विकसित किया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओंकारेश्वर में पहले भी कई बड़े धार्मिक और सरकारी आयोजन हुए हैं, लेकिन इस स्तर की तैयारियां बहुत कम देखने को मिली हैं। पंडाल की भव्यता और सजावट इन दिनों तीर्थ नगरी में चर्चा का विषय बनी हुई है।
राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर मंदिर परिसर, घाटों, प्रमुख मार्गों और कार्यक्रम स्थल के आसपास साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। विभिन्न एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं ताकि राष्ट्रपति का दौरा पूरी तरह सुरक्षित और सफल रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओंकारेश्वर आगमन को न केवल प्रशासनिक दृष्टि से बल्कि धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस दौरे से देशभर में ओंकारेश्वर की पहचान और अधिक मजबूत होगी तथा धार्मिक पर्यटन को भी नया बढ़ावा मिलेगा।
फिलहाल ओंकारेश्वर में हर तरफ तैयारियों की गूंज सुनाई दे रही है, लेकिन सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है वह भव्य पंडाल, जो देश की राष्ट्रपति के स्वागत का साक्षी बनने जा रहा है।
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