खंडवा: किसान की मौत के पीछे क्या है असली वजह? प्रशासन की रिपोर्ट में बड़ा दावा
ग्राम सारोला के किसान श्री भागीरथ की मृत्यु के संबंध में वस्तु स्थिति
ग्राम सारोला की घटना के संबंध मे एस डी एम पंधाना एवं उप संचालक कृषि जिला खण्डवा से जाँच कराई गई। जाँच में प्राप्त वस्तुस्थिति की जानकारी इस प्रकार हैः-
मृतक कृषक भागीरथ पिता रामचंद के नाम कुल रकबा 1.11 हेक्टेयर एवं इनकी पत्नि रामकली के नाम कुल रकबा 1.19 हेक्टेयर भूमि है जिसमें से लगभग ढाई एकड़ मे मक्का की फसल बोई गई थी तथा शेष भूमि पड़त थी। उपरोक्त भूमियों पर रबी सीजन में गेहूं की बुआई की गयी थी। अधिकतर भूमि में पानी भरने जैसी स्थिति नही है तथा कुछ भूमि पर खेत तैयार करने में भी देरी की वजह से समय रहते बुआई नहीं हो सकी।
मृतक के खेत के मेढ पडोसी एवं गांव के कोटवार द्वारा भी यही बताया गया कि इस बार मृतक के पुत्र होसीलाल पिता भागीरथ के द्वारा खेत के कुछ हिस्से पर कब्जा कर बुआई कर मक्का लगाया गया है। गांव के कोटवार ने बताया कि पूर्व में भी मृतक भागीरथ पिता रामचंद अन्य ग्रामवासियो को ही बटाई पर खेत देता था।
जांच के दौरान ग्राम कोटवार और मेढ़ पडोसी द्वारा भागीरथ के घर में पारिवारिक विवाद होने की बात बताई गयी है। पूर्व में भी मृतक कृषक भागीरथ अपने बच्चों पर मारपीट का आरोप लगा चुका था, जिसकी रिपोर्ट बोरगाव बुजुर्ग चौकी में की गई थी। जिसके संबंध में तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी पंधाना के न्यायालय में प्रतिबंधात्मक कार्यवाही हेतु धारा 107, 116 (3) CRPC के तहत मृतक के पुत्र शांतिलाल के विरूध्द प्रकरण क्रमांक 523/2023 पंजीबध्द हुआ है।
कृषि विभाग से प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार संबंधित कृषक द्वारा खाद न मिलने को लेकर विभाग में कोई शिकायत दर्ज नही कराई गई।
उप संचालक कृषि श्री नितेश यादव ने बताया कि इस वर्ष 1 अप्रैल से दिनांक 9 जुलाई 2026 तक जिले के किसानों के बीच कुल 42,000 मेट्रिक टन खाद का वितरण किया गया है। जिसमें यूरिया 21035 मेट्रिक टन, डीएपी 3993 मेट्रिक टन एवं एनपीके 3234 मेट्रिक टन का वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लागू ई-विकास प्रणाली के माध्यम से कृषक जिले के किसी भी निजि विक्रेता एवं विपणन संघ तथा अपने विकास खण्ड से जुड़े अन्य जिले के निजी विक्रेताओं से भी खाद प्राप्त करने के लिए स्वत्रंत है।
जांच में प्राप्त इन तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि मृतक के पुत्र हौसीलाल द्वारा मीडिया के माध्यम से यह प्रचारित करना कि “कृषक भागीरथ द्वारा अधिक वर्षा से खेत में जल जमाव होने एवं खाद न मिलने के कारण बुआई न कर पाने से आत्महत्या की गई” यह बात पूर्णतः निराधार और असत्य प्रतीत होती है।
घटना के संबंध में पुलिस द्वारा भी पृथक से विवेचना जारी है।
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