खंडवा में रेलवे ने तोड़े घर! पचास साल की मेहनत बर्बाद
खंडवा: रेलवे की टीम ने हाल ही में खंडवा में रेलवे ट्रैक के पास कई पुराने घर तोड़ दिए हैं। इन घरों में लोग दशकों से रह रहे थे, कुछ परिवारों का अनुभव 40-50 सालों का है। ये घर सिर्फ ईंट और सीमेंट के ढांचे नहीं थे, बल्कि लोगों की जीवन भर की मेहनत, यादें और परिवार का इतिहास थे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि ज्यादातर घरों में लोग अपना सारा सामान निकाल चुके थे, लेकिन फिर भी घर खंडर बन गए। कई परिवारों के पास पट्टा भी था, यानी कानूनी अधिकार होने के बावजूद उन्हें हटाया गया।
इन घरों के टूटने से प्रभावित परिवारों ने अपनी भावनाओं और दुख को साझा किया। बच्चों का बचपन वहीं बीता, बुजुर्ग वहीं रहते थे, और परिवार के सभी बड़े पल वहीं जुड़ी हुई थीं।
रेलवे का कहना है कि यह कदम सुरक्षा और ट्रैक विस्तार के लिए आवश्यक था। लेकिन प्रभावित परिवारों के लिए यह सिर्फ भौतिक नुकसान नहीं बल्कि भावनात्मक आघात भी है।
स्थानीय लोग इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाने की तैयारी कर रहे हैं और प्रशासन से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
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