ममलेश्वर मंदिर के चढ़ावे पर उठे सवाल, समिति सदस्य ने हिसाब सार्वजनिक करने की मांग
ओंकारेश्वर। ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान पेटियों में चढ़ाए जा रहे चढ़ावे को लेकर पारदर्शिता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। ममलेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य दूल्हे सिंह दरबार ने आरोप लगाया है कि दान पेटियों से प्राप्त राशि का आज तक सार्वजनिक लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया गया और समिति के सदस्यों को भी पूरी जानकारी नहीं दी जाती।
दूल्हे सिंह दरबार ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर पिछले वर्ष तत्कालीन एसडीएम द्वारा मंदिर में दान पेटियां रखवाई गई थीं। प्रत्येक माह के प्रथम गुरुवार को तहसीलदार की मौजूदगी में पेटियां खोलकर राशि की गणना की जाती है। उनके अनुसार, कई बार 14 से 16 लाख रुपये तक की राशि निकलने की जानकारी उन्हें दी गई, लेकिन यह राशि किस बैंक में जमा की गई और इसका उपयोग किन कार्यों में हुआ, इसकी जानकारी समिति के सदस्यों को नहीं दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक वर्ष बीत जाने के बावजूद मंदिर परिसर में चढ़ावे की राशि से कोई उल्लेखनीय विकास कार्य दिखाई नहीं देता और न ही आय-व्यय का विवरण सार्वजनिक किया गया है।
इस मामले में षटदर्शन संत मंडल के अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी ने भी श्रद्धालुओं के दान की राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की। वहीं भाजपा नगर अध्यक्ष संतोष वर्मा ने कहा कि धार्मिक संस्थानों में दान राशि के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समिति में कितने सदस्य हैं, अब तक कितना चढ़ावा प्राप्त हुआ और वह किस मद में खर्च किया गया, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
मीडिया द्वारा भी कई बार ममलेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति और दान राशि के संबंध में जानकारी मांगी गई, लेकिन अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
हालांकि, इस मामले में जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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