खंडवा: ओंकारेश्वर में खुले सेफ्टी टैंक ने ली 3 वर्षीय मासूम की जान, साढ़े 14 घंटे बाद तोड़ा दम
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में एक दर्दनाक हादसे में तीन वर्षीय मासूम तनुष की मौत हो गई। ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में खुले पड़े सेफ्टी टैंक में गिरने के बाद मासूम करीब साढ़े 14 घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा। शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे सनावद के मोरी हॉस्पिटल में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र से एक श्रद्धालु परिवार पति-पत्नी और अपने तीन वर्षीय बच्चे तनुष के साथ यात्री बस से ओंकारेश्वर दर्शन के लिए पहुंचा था। बताया जा रहा है कि बस से उतरने के बाद मासूम दौड़ते हुए खुले पड़े सेफ्टी टैंक में जा गिरा। बच्चे को गिरता देख पिता ने तत्काल टैंक में छलांग लगाकर उसे बाहर निकाला।
गंभीर हालत में बच्चे को पहले सिविल अस्पताल ओंकारेश्वर ले जाया गया, जहां से उसे बेहतर उपचार के लिए सनावद रेफर किया गया। सनावद के मोरी हॉस्पिटल में उपचार के दौरान शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे मासूम ने दम तोड़ दिया।
मृत्यु के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल सनावद भेजा गया। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर अभिषेक मुकाती के अनुसार प्रारंभिक जांच में बच्चे की मृत्यु का कारण डूबना सामने आया है। विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अन्य पहलुओं की पुष्टि हो सकेगी।
घटना के बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शनिवार सुबह नगर परिषद द्वारा खुले गड्ढे को बंद कराया गया। नगर परिषद की सीएमओ मोनिका पारधी ने कहा कि गड्ढे को पहले पूरी तरह बंद कर दिया गया था, लेकिन बाद में धर्मशाला संचालकों द्वारा सरिये निकालने के लिए दोबारा खुदाई कराई गई थी। सीएमओ के मुताबिक मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि स्थानीय लोगों ने नगर परिषद के इस दावे पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सेफ्टी टैंक को पहले ठीक तरीके से बंद ही नहीं किया गया था। लोगों का सवाल है कि यदि टैंक को मलबे से पूरी तरह पैक कर दिया गया था तो उसमें गंदा पानी कहां से आया? स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी अपनी लापरवाही छिपाने के लिए इस तरह का बयान दे रहे हैं।
इस दर्दनाक घटना ने तीर्थ नगरी के व्यस्त ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले सेफ्टी टैंक को समय रहते सुरक्षित क्यों नहीं किया गया और इसके लिए जिम्मेदार कौन है, अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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