खंडवा: महंगी चीनी के विरोध में महिलाओं का अनोखा प्रदर्शन, हाथों पर मेहंदी से लिखी ‘चीनी’
खंडवा। बढ़ती महंगाई के खिलाफ गांधी भवन में शुक्रवार को महिलाओं ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने हाथों पर मेहंदी से ‘चीनी’ लिखकर प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान रचना तिवारी ने शायराना अंदाज में महंगाई पर तंज कसते हुए कहा, “मोहब्बत, भाईचारे के वो सुहाने दिन लौटा दो, वो सस्ती दाल-सब्जी के लुभाने दिन लौटा दो, ये अच्छे दिन अडानी-अंबानी को मुबारक हों, हमें हमारे पुराने दिन ही लौटा दो।”
महिलाओं ने “बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार चीनी 70 पार” जैसे नारे लगाए। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है और चीनी के दाम 70 रुपये प्रति किलो के पार पहुंचने से आम परिवारों की रसोई का बजट प्रभावित हो रहा है। त्योहार पर मिठाइयां और पकवान बनाने के लिए चीनी की जरूरत होती है, लेकिन बढ़ती कीमतों ने परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
महिलाओं ने व्यंग्य करते हुए कहा, “चीनी अब खाने लायक बची नहीं, इसलिए हमने इसे हाथों पर लिखकर संरक्षित कर लिया है।” उन्होंने कहा कि हरियाली महोत्सव के लिए जुटी महिलाओं के बीच 70 रुपये पार पहुंची चीनी चर्चा का विषय बन गई। चाय में चीनी डालना भी अब लोगों के लिए महंगा पड़ रहा है।
रचना तिवारी ने कहा कि इथेनॉल मिलाने से पेट्रोल सस्ता होने की बात कही गई थी, लेकिन पेट्रोल सस्ता होने के बजाय चीनी महंगी हो गई। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर महंगाई के कारण त्योहारों की मिठास कम हो रही है और बहनों के सामने भाइयों को मिठाई खिलाने को लेकर भी चिंता खड़ी हो गई है।
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