खंडवा :चंद मिनटों की देरी और बुझ गया एक घर का चिराग: पिपलोद में बेकाबू ट्रक ने ली सोहन सिंह चौहान की जान
खंडवा/पिपलोद।
कभी-कभी किस्मत कुछ ही मिनटों में जिंदगी की पूरी कहानी बदल देती है। पिपलोद निवासी सोहन सिंह चौहान (पिता – फतेह सिंह चौहान) का बीती रात लगभग 3 बजे हुए एक दर्दनाक हादसे में निधन हो गया। उनके असामयिक निधन से पूरे गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
सोहन सिंह चौहान इंदौर स्थित चमेली देवी कॉलेज में प्लेसमेंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत रह चुके थे और वर्तमान में फ्यूचर एकेडमी में डायरेक्टर के रूप में सेवाएं दे रहे थे। पिपलोद में उनकी अपनी एक एकेडमी भी संचालित थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने एक दिन पहले ही अपने घर व एकेडमी की छत डलवाई थी।
परिजनों के अनुसार जब भी वे छुट्टियों में घर आते थे, तो तड़के चौहान बस से इंदौर के लिए रवाना हो जाया करते थे। बीती रात भी वे जाने की तैयारी में थे, लेकिन बस कुछ मिनट लेट हो गई और वे घर में ही रुक गए। इसी दौरान लगभग 3 बजे एक बेकाबू ट्रक उनके घर में जा घुसा और मलबे में दबने से उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
सुबह घटना की सूचना मिलने पर पिपलोद पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया कि ट्रक के कंडक्टर को हल्की चोट आई है और अन्य कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन जब मलबा हटाने का कार्य शुरू हुआ तो उसमें सोहन सिंह चौहान का शव मिलने से हर कोई स्तब्ध रह गया। यह दृश्य इतना हृदयविदारक था कि मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
सोहन सिंह चौहान अपने पीछे दो छोटे-छोटे बच्चों और परिवार को छोड़ गए हैं। संघर्षों से भरे जीवन के बाद जब परिवार में खुशियों की दस्तक शुरू हुई थी, तभी यह हादसा सब कुछ छीन ले गया। गांव में मातम पसरा हुआ है और समाज के लोग गहरे शोक में डूबे हैं।
पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
सोहन सिंह चौहान की असमय मृत्यु ने न केवल पिपलोद बल्कि पूरे खंडवा जिले को शोकाकुल कर दिया है। चंद मिनटों की देरी ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया।
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