हर घर तिरंगा अभियान 9 से 17 अगस्त तक, वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर होंगे विशेष आयोजन

खंडवा, 4 अगस्त 2026। मध्यप्रदेश में “हर घर तिरंगा” अभियान 9 से 17 अगस्त तक व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित किया जाएगा। अभियान के दौरान प्रदेशभर में देशभक्ति से ओतप्रोत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इस वर्ष राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इस उत्सव को हर घर तिरंगा अभियान से जोड़ा गया है।
अभियान के तहत सभी जिलों में तिरंगा प्रदर्शनी, तिरंगा रंगोली, तिरंगा प्रश्नोत्तरी, तिरंगे के लिए स्वयंसेवा, तिरंगा सजावट एवं प्रकाश व्यवस्था, सैन्य बलों के जवानों और पुलिसकर्मियों के सम्मान में पत्र लेखन तथा नुक्कड़ नाटकों जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही स्थानीय स्व-सहायता समूहों एवं उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से नागरिकों के लिए खादी और पॉलिएस्टर के राष्ट्रीय ध्वज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा तिरंगा बाइक रैली, ई-बाइक रैली, साइकिल रैली, तिरंगा यात्रा, मानव श्रृंखला निर्माण और तिरंगा एंथम जैसे कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। नागरिकों को तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष आयोजन
राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूरे होने पर प्रदेशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शासकीय कार्यक्रमों, शिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक सभाओं में जहां राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाएंगे, वहां पहले “वंदे मातरम” और उसके बाद “जन गण मन” का गायन होगा।
राष्ट्रगीत के दौरान सभी अधिकारी, कर्मचारी एवं नागरिक सम्मानपूर्वक सावधान की मुद्रा में खड़े रहेंगे। शासकीय कार्यालयों और महाविद्यालयों में राष्ट्रगीत के निर्धारित छंदों का शुद्ध एवं गरिमापूर्ण वाचन सुनिश्चित किया जाएगा। सभी आयोजनों में राष्ट्रगीत के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया एवं प्रदर्शित किया जाएगा। हर घर तिरंगा पोर्टल पर तिरंगे के साथ सेल्फी अपलोड करने पर तस्वीर पर “वंदे मातरम” अंकित होगा।
14 अगस्त को मनाया जाएगा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर देश विभाजन के दौरान विस्थापन और हिंसा का सामना करने वाले तथा अपने प्राण गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
जिला एवं संभाग स्तर पर शांति मार्च, मौन जुलूस और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन होगा। कार्यक्रमों में विभाजन से प्रभावित परिवारों अथवा उनके प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर उनके अनुभव साझा कराए जाएंगे। सार्वजनिक स्थलों, पुस्तकालयों और प्रशासनिक भवनों में विभाजन के ऐतिहासिक घटनाक्रम एवं विस्थापितों के संघर्ष को दर्शाने वाली प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
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