किसान के सपनों में लगी आग: खून-पसीने से उगाई गेहूं की फसल खंडवा में रोज जल रही”
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले से इन दिनों ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिन्हें देखकर किसी का भी दिल भर आए।
यह सिर्फ खेतों में लगी आग नहीं है… यह उन किसानों के सपनों में लगी आग है, जिन्होंने पूरे साल अपनी मेहनत, अपना पसीना और अपनी उम्मीदें इन खेतों में बोई थीं।
जिस गेहूं की हर बाली में किसान को अपने बच्चों का भविष्य दिखाई देता है…
जिस फसल के लिए किसान सर्द रातों में खेत की रखवाली करता है…
जिसके लिए वह कर्ज लेता है, दिन-रात मेहनत करता है…
आज वही गेहूं की फसल आग की लपटों में जलकर राख हो रही है।
खंडवा जिले के अलग-अलग गांवों से लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जहां खेतों में खड़ी गेहूं की फसल अचानक आग की चपेट में आ रही है।
किसान कुछ समझ पाएं, उससे पहले ही आग तेज हवा के साथ पूरे खेत को अपनी गिरफ्त में ले लेती है।
कुछ ही मिनटों में हरे-भरे खेत काली राख में बदल जाते हैं…
और खेत के किनारे खड़ा किसान बस बेबस होकर अपनी मेहनत को जलते हुए देखता रह जाता है।
जिस फसल को उगाने में महीनों की मेहनत लगी…
जिसे काटने में अब सिर्फ कुछ ही दिन बाकी थे…
वही फसल अचानक आग की लपटों में समा जाती है।
जब खेत में आग लगती है तो किसान अपने परिवार और गांव के लोगों के साथ दौड़ पड़ता है।
कोई बाल्टियों से पानी डालता है…
कोई टहनियों से आग बुझाने की कोशिश करता है…
लेकिन तेज हवाओं के सामने ये कोशिशें अक्सर नाकाम हो जाती हैं।
कई किसानों की एक-एक, दो-दो एकड़ की फसल जलकर राख हो चुकी है।
सोचिए… जिस खेत से किसान को साल भर की उम्मीद थी, जब वही खेत राख में बदल जाए तो उस किसान के दिल पर क्या गुजरती होगी।
एक किसान की आंखों में आंसू थे…
वह बस इतना ही कह पाया —
“साहब… सब खत्म हो गया… यही सहारा था।”
यह सिर्फ एक खेत की आग नहीं है…
यह उस किसान के सपनों की आग है…
उसके बच्चों की पढ़ाई की उम्मीद की आग है…
उस घर के चूल्हे की आग है… जो अब ठंडी पड़ने का डर है।
गांव के लोग मिलकर आग बुझाने की कोशिश करते हैं…
लेकिन हर दिन किसी न किसी गांव से ऐसी खबर फिर आ जाती है कि कहीं और किसी किसान की फसल जल गई।
आज जरूरत है कि इन घटनाओं को गंभीरता से लिया जाए…
किसानों को समय पर राहत मिले…
और ऐसे इंतजाम किए जाएं कि खेतों में लगने वाली आग को जल्दी रोका जा सके।
क्योंकि जब खेत जलते हैं…
तो सिर्फ फसल नहीं जलती…
उसके साथ जलती है किसान की उम्मीद… उसका संघर्ष… और उसका भविष्य।
खंडवा से यह तस्वीरें हमें यही याद दिलाती हैं कि
किसान सिर्फ अनाज नहीं उगाता…
वह अपने सपने बोता है…
और जब खेत जलते हैं… तो उन सपनों की राख पूरे समाज को झकझोर देती है।
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खंडवा
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