खंडवा में चर्बी से कथित नकली घी निर्माण मामले पर कांग्रेस का हमला, उच्च स्तरीय जांच की मांग
खंडवा में चर्बी से नकली घी बनाए जाने के कथित मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने इसे आम जनता के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जप्त की गई चर्बी और अन्य संबंधित सामग्री की फॉरेंसिक जांच कराई जाए तथा उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक डोमेन में जारी की जाए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने सवाल उठाया कि कार्रवाई आखिर किसके निर्देश पर हुई। उनका कहना था कि सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार रात में सूचना मिलने के बाद सुबह दबिश देकर कार्रवाई की गई, जबकि किसी जनप्रतिनिधि को इसकी जानकारी नहीं थी। ऐसे में महापौर और विधायक द्वारा श्रेय लेने की राजनीति क्यों की जा रही है।
कांग्रेस ने यह भी पूछा कि यह अवैध कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा था और कब से संचालित हो रहा था। नकली घी की सप्लाई खंडवा शहर में किन दुकानों या व्यापारियों तक हो रही थी और क्या इसे अन्य शहरों में भी भेजा जा रहा था, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
मामले में बुरहानपुर का जिक्र करते हुए कांग्रेस ने कहा कि वहां पावरलूम के जरिए इस सामग्री की खरीदी कौन कर रहा था और संबंधित पावरलूम किन लोगों के हैं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
नगर निगम की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने पूछा कि कुल कितने बूचड़खानों को लाइसेंस दिए गए हैं, वर्ष 2022 के बाद कितने नए लाइसेंस जारी हुए, और जिन लाइसेंसों का 2023 में नवीनीकरण नहीं हुआ वे अब तक कैसे संचालित हो रहे थे।
कांग्रेस ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, खाद्य सुरक्षा विभाग में लंबे समय से जमे अधिकारियों के तबादले तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सभी लाइसेंस वैध थे तो इतनी बड़ी अवैध गतिविधि कैसे चलती रही। यह प्रशासनिक विफलता है या मिलीभगत, इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
अंत में कांग्रेस पार्टी ने मांग की कि पूरे मामले की हाई-लेवल इंक्वायरी कर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा कांग्रेस के नेताओं ने प्रशासन क चेतावनी दी है कि अगर निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वह कलेक्ट्रेट में गड्ढा लेकर अनिश्चितकाल के लिए वहीं सोएंगे वहीं खाएंगे वहीं बैठेंगे..
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