ओंकारेश्वर में खुले सेप्टिक टैंक ने ली 3साल के मासूम की जान,उपयंत्री सुरेशचंद्र पाटीदार निलंबित
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में खुले छोड़े गए सेप्टिक टैंक में गिरने से तीन वर्षीय मासूम बच्चे की मौत के मामले में मध्य प्रदेश शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर परिषद ओंकारेश्वर में पदस्थ उपयंत्री सुरेशचंद्र पाटीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय, मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा 27 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुसार, सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए ओंकारेश्वर में विभिन्न शासकीय भूमियों से अनाधिकृत अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी।
इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 7 के ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में लांबेशी समाज धर्मशाला के अवैध अतिक्रमण और निर्माण को हटाने की कार्रवाई की गई थी। नगर परिषद ओंकारेश्वर द्वारा इस कार्रवाई के लिए उपयंत्री सुरेशचंद्र पाटीदार को प्रभारी एवं नोडल के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
शासन के आदेश में उल्लेख है कि अतिक्रमण हटाने के बाद धर्मशाला के सेप्टिक टैंक को नहीं तोड़ा गया और उसे खुला छोड़ दिया गया। इसके चलते 24 जुलाई 2026 को तीन वर्षीय बालक सेप्टिक टैंक में गिर गया और उसकी मौत हो गई। आदेश में इसे गंभीर लापरवाही माना गया है।
मामले को लेकर सुरेशचंद्र पाटीदार को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब मांगा गया था। विभाग के अनुसार उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया।
निलंबन अवधि में सुरेशचंद्र पाटीदार का मुख्यालय संभागीय कार्यालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास इंदौर संभाग रहेगा। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। साथ ही उनके विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर आगे की विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
तीन वर्षीय मासूम की मौत के बाद शासन की इस कार्रवाई ने अतिक्रमण हटाने के दौरान सुरक्षा इंतजाम और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही के मुद्दे को एक बार फिर गंभीरता से सामने ला दिया है।
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