खंडवा में 10 पंचायतों में गड़बड़ी उजागर, सरपंच-सचिव सहित जिम्मेदारों से 51.39 लाख की वसूली के आदेश

खंडवा। जिले में पंचायत स्तर पर अनियमितताओं के मामलों में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जिला पंचायत खंडवा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने 10 अलग-अलग प्रकरणों में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित सरपंच, सचिव एवं अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ कुल 51.39 लाख रुपए की वसूली के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 के तहत की गई है।
नहाल्दा पंचायत में दो स्तर पर कार्रवाई
ग्राम पंचायत नहाल्दा में तत्कालीन सरपंच दुर्गादास मीणा और सचिव दिनेश पाटीदार से 22,83,008 रुपए की वसूली के आदेश दिए गए हैं। वहीं वर्तमान सरपंच राखी (पति अजय ठाकुर) और सचिव नरेंद्र चौहान पर 1,33,700 रुपए की वसूली निर्धारित की गई है।
मोरदड और बलरामपुर में भी बड़ी गड़बड़ी
जनपद पंचायत पंधाना की ग्राम पंचायत मोरदड में तत्कालीन सरपंच राधेश्याम पंवार, सचिव संजय केशोरे एवं शैलेन्द्र पाटीदार पर 10,98,000 रुपए की वसूली तय की गई है। वहीं बलरामपुर पंचायत में तत्कालीन सरपंच रानीबाई, सचिव कालूराम वर्मा, सुनील सोनरीस और ग्राम रोजगार सहायक सचिन पटेल पर 5,23,611 रुपए की वसूली के आदेश दिए गए हैं।
भीलेखेड़ी, धनगांव और सालई में कार्रवाई
छैगांवमाखन ब्लॉक की ग्राम पंचायत भीलेखेड़ी में तत्कालीन सरपंच दुर्गाबाई और रोजगार सहायक सोनूसिंह मण्डलोई पर 2,83,246 रुपए की वसूली होगी। धनगांव पंचायत में सरपंच कृष्णा बिर्ला और सचिव उमेरसिंह मण्डलोई पर 1,55,600 रुपए, जबकि सालई पंचायत में तत्कालीन सरपंच नरेंद्र सिंह कटालिया और सचिव नरेंद्र मोहे पर 50,000 रुपए की वसूली तय की गई है।
अन्य पंचायतों में भी जिम्मेदार तय
ग्राम पंचायत अत्तर में तत्कालीन सरपंच चेतराम बाबूलाल पर 43,015 रुपए, खालवा ब्लॉक की ग्राम पंचायत काला आमकला में तत्कालीन सरपंच मांगईबाई, उपयंत्री सुनील सिंह और सचिव सुंदरलाल सिलाले पर 1,35,608 रुपए की वसूली के आदेश दिए गए हैं।
वहीं मीरपुर पंचायत में तत्कालीन सरपंच रजनीबाई और रोजगार सहायक फिरोज खान पर 3,85,000 रुपए तथा हरसूद जनपद की ग्राम पंचायत तोरनिया में सचिव मानसिंह यादव और उपयंत्री सुखलाल जाधव पर 49,167 रुपए की वसूली निर्धारित की गई है।
धारा 89 के तहत सख्त कार्रवाई
जिला पंचायत सीईओ द्वारा की गई इस कार्रवाई को पंचायतों में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों से राशि की वसूली सुनिश्चित की जाएगी।
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