खंडवा में शराब दुकानों की नीलामी से रिकॉर्ड राजस्व, ग्राहकों को मिलेगी डिस्काउंट की राहत

खंडवा जिले में नए वित्तीय वर्ष के लिए 74 शराब दुकानों की नीलामी पूरी हो चुकी है, जिससे सरकार को अब तक लगभग 300 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। जिले में अभी दो ग्रुप की नीलामी बाकी है, जिसके बाद यह आंकड़ा 340 करोड़ रुपए से अधिक तक पहुंचने की उम्मीद है।
पहली बार 40% अधिक मूल्य पर ठेके
इस बार नीलामी में शराब दुकानों के ठेके पिछले वर्ष की तुलना में 40% अधिक कीमत पर बिके हैं। 17 अलग-अलग ग्रुपों में विभाजित 74 दुकानों के लिए खुले टेंडर में सरकार ने उच्चतम बोली प्राप्त की, जिससे राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
विशेष रूप से, बोरगांव बुजुर्ग की शराब दुकान 53% और सुलगांव की दुकान 45% अधिक कीमत पर नीलामी हुई। वहीं, पुनासा और खालवा की दुकानों के ठेके भी लगभग 43% अधिक मूल्य पर बिकी।
पुराने ठेकेदारों ने बनाया सिंडिकेट
नीलामी में पुराने शराब ठेकेदार जैसे पुरी ग्रुप, हुकुम वर्मा ग्रुप, बेदी ग्रुप और इंदलसिंह पंवार ने मिलकर सिंडिकेट बनाकर ठेकों में हिस्सा लिया। इसका असर यह हुआ कि कुछ दुकानों पर मूल्य वृद्धि न्यूनतम रही और वे उनके हाथों में चली गईं।
नए ठेकेदारों की रुचि और ग्राहक लाभ
इस साल नए ठेकेदार जैसे आशीष मिश्रा और सुरेंद्रसिंह पंवार ग्रुप ने अधिक मूल्य वाले ठेके उठाने में रुचि दिखाई है। इससे बाजार में गलाकाट प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और उम्मीद है कि ग्राहकों को शराब पर डिस्काउंट और बेहतर ऑफ़र मिलेंगे।
विशेषकर, पिछली बार सिंडिकेट सिस्टम के कारण ग्राहकों को किसी भी तरह की राहत नहीं मिल पाई थी। लेकिन इस बार अलग-अलग ठेकेदारों की भागीदारी से प्रतियोगिता बढ़ने के कारण, बाजार में छूट और रियायतों का दौर देखने को मिलेगा।
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