कल लगेगी नेशनल लोक अदालत, खंडवा में 21 खंडपीठों का गठन

खंडवा, 13 मार्च 2026।
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों तथा प्री-लिटिगेशन मामलों के निराकरण के लिए 14 मार्च को नेशनल लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसके लिए जिला न्यायालय खंडवा सहित विभिन्न न्यायालयों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पियूष भावे ने बताया कि वर्ष 2026 में कुल चार नेशनल लोक अदालतें मार्च, मई, सितम्बर और दिसम्बर माह में आयोजित की जाएंगी। इनमें से वर्ष की पहली नेशनल लोक अदालत 14 मार्च को आयोजित होगी।
उन्होंने बताया कि इस लोक अदालत के लिए जिला न्यायालय खंडवा, तहसील सिविल न्यायालय हरसूद और पुनासा में कुल 21 खंडपीठों का गठन किया गया है। इन खंडपीठों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के समझौता योग्य प्रकरणों का आपसी सहमति के आधार पर निराकरण किया जाएगा।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती ममता जैन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने लंबित और प्री-लिटिगेशन प्रकरणों के निराकरण के लिए अधिक से अधिक संख्या में नेशनल लोक अदालत में उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने विभागों से जुड़े अधिक से अधिक राजीनामा योग्य मामलों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से कराने के प्रयास करें।
नेशनल लोक अदालत में सिविल और आपराधिक शमनीय प्रकरण, परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के मामले, बैंक रिकवरी प्रकरण, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा (एमएसीटी), वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, बिजली बिल, जलकर, संपत्ति कर और सेवा निवृत्ति लाभ से जुड़े प्रकरणों सहित अन्य समझौता योग्य मामलों का निराकरण किया जाएगा।
प्रधान जिला न्यायाधीश ममता जैन ने बताया कि लोक अदालत में किया गया निर्णय दोनों पक्षों की सहमति से होता है, जो अंतिम और बाध्यकारी होता है तथा इसके विरुद्ध कोई अपील नहीं होती। साथ ही, न्यायालय शुल्क की राशि भी नियमानुसार वापस कर दी जाती है।
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