नेतन्याहू की मौत की अफवाह पर मचा हड़कंप, IRGC की धमकी—‘जिंदा है तो मार गिराएंगे

तेहरान/तेल अवीव। ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर एक बड़ी अफवाह और विवाद सामने आया है। ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया था कि उन्होंने नेतन्याहू को मार गिराया है, हालांकि इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे अफवाह बताया है।
IRGC ने बाद में बयान जारी करते हुए कहा कि अगर स्कूली बच्चों की हत्या का आरोपी नेतन्याहू अभी भी जिंदा है, तो उसे खत्म करने के लिए पूरी ताकत से कार्रवाई की जाएगी। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
सोशल मीडिया से फैली अफवाह
यह विवाद तब शुरू हुआ जब नेतन्याहू के X (ट्विटर) अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया गया। वीडियो में कुछ लोगों को ऐसा लगा कि उनके हाथ में छह उंगलियां दिखाई दे रही हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल गई कि वीडियो AI से बनाया गया है और शायद नेतन्याहू की हत्या हो चुकी है।
इसी दौरान कुछ यूजर्स ने यह भी दावा किया कि नेतन्याहू के बेटे यैर नेतन्याहू ने 9 मार्च के बाद अपने X अकाउंट से कोई पोस्ट नहीं किया है, जिससे तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।
हालांकि X के AI चैटबॉट Grok ने इन सभी दावों को गलत बताते हुए कहा कि वीडियो में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है। दरअसल यह सिर्फ दृष्टि भ्रम (Visual Illusion) था, जिसकी वजह से ऐसा लग रहा था कि उनके हाथ में छह उंगलियां हैं।
जंग ने बढ़ाया वैश्विक तनाव
गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान शुरू किए थे। अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और इजरायल ने ऑपरेशन रोअरिंग लायन के तहत ईरान के मिसाइल ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम, न्यूक्लियर साइट्स और सैन्य ठिकानों पर हमले किए।
इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के मारे जाने की खबर सामने आई थी।
इसके जवाब में ईरान ने इजरायल पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। साथ ही बहरीन, कतर, यूएई, सऊदी अरब, जॉर्डन और इराक में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
युद्ध के चलते ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अवरोध जैसी स्थिति पैदा कर दी है। यह मार्ग दुनिया में तेल और गैस की आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। इसके कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है और कई देशों में ऊर्जा संकट की आशंका जताई जा रही है।
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