खंडवा | 22 जनवरी 2026..महिला अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए खंडवा न्यायालय ने पेट्रोल डालकर युवती को जिंदा जलाने के सनसनीखेज मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने इस जघन्य अपराध को समाज के लिए अत्यंत गंभीर बताते हुए दोषी को 20 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
यह फैसला द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री अनिल चौधरी की अदालत द्वारा सुनाया गया।
📌 क्या है पूरा मामला
अभियोजन के अनुसार, दिनांक 12 अक्टूबर 2024 को खंडवा जिले के ग्राम मोगलिया की एक युवती (नाम गोपनीय) पर अर्जुन पिता मंगीलाल ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। घटना की पृष्ठभूमि यह थी कि पीड़िता ने इससे पूर्व आरोपी के पिता मंगीलाल के खिलाफ छेड़छाड़ का प्रकरण दर्ज कराया था। उक्त मामले में मंगीलाल की गिरफ्तारी हुई थी, किंतु बाद में उसे न्यायालय से जमानत मिल गई थी। इसी बात से नाराज होकर, बदले की भावना से आरोपी अर्जुन (उम्र लगभग 22 वर्ष) ने पीड़िता के घर पहुंचकर पहले उसे धमकाया और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
🔥 गंभीर रूप से झुलसी पीड़िता की हुई मौत
घटना में युवती गंभीर रूप से झुलस गई थी। उसे तत्काल जिला अस्पताल खंडवा में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे इंदौर रेफर किया गया। इलाज के दौरान पीड़िता की मृत्यु हो गई। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर आरोपी अर्जुन को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया।
⚖️ न्यायालय का फैसला
न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और चिकित्सकीय प्रमाणों को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
अदालत ने आरोपी अर्जुन पिता मंगीलाल को
➡️ धारा 103(1) और 61(2) भारतीय न्याय संहिता 2023
के तहत दोषसिद्ध करते हुए:
✔️ आजीवन कारावास
✔️ ₹20,000 का अर्थदंड
की सजा सुनाई।
👮♂️ सशक्त जांच और अभियोजन की भूमिका
इस मामले में पुलिस द्वारा गंभीरता से विवेचना की गई।
जांच अधिकारी उप निरीक्षक अनामिका राजपूत, थाना कोतवाली खंडवा द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के विरुद्ध सशक्त साक्ष्य एकत्र किए गए।
अभियोजन का संचालन सहायक जिला अभियोजन अधिकारी विनोद कुमार पटेल द्वारा किया गया, जिन्होंने प्रभावी रूप से न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष रखा।
पुलिस अधीक्षक श्री मनोज राय द्वारा समय-समय पर प्रकरण की समीक्षा कर साक्षियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई।
🛑 समाज के लिए कड़ा संदेश
न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि महिलाओं के विरुद्ध हिंसा, प्रतिशोध और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने के प्रयास को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह फैसला समाज को यह संदेश देता है कि कानून के खिलाफ जाने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।







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