ओंकारेश्वर की राजपूत धर्मशाला पर संकट! मुख्यमंत्री से लगाई बचाने की गुहार
ओंकारेश्वर राजपूत धर्मशाला को यथावत रखने की मांग, मुख्यमंत्री को सौंपा गया निवेदन
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर स्थित दिव्य ज्योति क्षत्रिय राजपूत समाज धर्मशाला ट्रस्ट ने धर्मशाला भवन को यथावत बनाए रखने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। ट्रस्ट ने शासन से धर्मशाला को हटाने संबंधी कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की अपील की है।
ज्ञापन में बताया गया है कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2007-08 में ब्रह्मपुरी क्षेत्र, ओंकारेश्वर में ट्रस्ट को 5000 वर्गफीट भूमि विधिवत आवंटित की गई थी। इसके अलावा आवंटित भूमि से लगी लगभग 3500 वर्गफीट अतिरिक्त भूमि के आवंटन की मांग ट्रस्ट द्वारा वर्ष 2015-16 से लगातार शासन के समक्ष की जा रही है।
ट्रस्ट का कहना है कि समाज और अन्य श्रद्धालुओं के सहयोग से प्राप्त दान राशि से धर्मशाला भवन का निर्माण कराया गया है। यह धर्मशाला पिछले कई वर्षों से ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं, तीर्थयात्रियों और आम नागरिकों को ठहरने सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
ज्ञापन के अनुसार, वर्तमान में धर्मशाला भवन को हटाने संबंधी नोटिस मिलने के बाद समाज और श्रद्धालुओं में चिंता का माहौल है। ट्रस्ट का कहना है कि यह भवन केवल एक निर्माण नहीं, बल्कि समाज की धार्मिक आस्था, जनसहयोग और सेवा भावना का प्रतीक है।
ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जनहित, धर्महित और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए धर्मशाला भवन को हटाने की कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाए। उनका कहना है कि प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु इस धर्मशाला का लाभ लेते हैं और भविष्य में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व के दौरान भी यह भवन श्रद्धालुओं के लिए आवास और सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा।
ज्ञापन के साथ ट्रस्ट ने वर्ष 2007-08 के भूमि आवंटन संबंधी दस्तावेज तथा वर्ष 2015-16 में अतिरिक्त भूमि आवंटन के लिए शासन को दिए गए आवेदन से संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए हैं।
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