केपीसीएल एफपीओ के कस्टम हायरिंग केन्द्र का शुभारम्भ

खण्डवा 23 जून 2026, जिले के ग्राम बावड़िया काजी स्थित केपीसीएल किसान उत्पादक संगठन एफपीओ द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्थापित कस्टम हायरिंग केन्द्र का शुभारम्भ मंगलवार को समारोहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल श्रीमती सी. सरस्वती, ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर कलेक्टर श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा ने की।
कार्यक्रम के दौरान केपीसीएल एफपीओ के अध्यक्ष श्री कमलेश पटेल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए एफपीओ की गतिविधियों एवं कस्टम हायरिंग केन्द्र की उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि इस केन्द्र के माध्यम से किसानों को उचित मूल्य पर आधुनिक कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे खेती की लागत में कमी आएगी तथा कृषि कार्यों में समयबद्धता और दक्षता बढ़ेगी। अपर कलेक्टर श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा ने इस अवसर पर कहा कि किसान उत्पादक संगठन किसानों को संगठित कर उनकी आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन एफपीओ के सुदृढ़ीकरण हेतु हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती सी. सरस्वती, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, भोपाल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि एफपीओ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का एक प्रभावी मॉडल है। उन्होंने कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे उत्पादों का मूल्य बढ़ेगा और किसानों को अधिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि नाबार्ड भविष्य में भी एफपीओ के संस्थागत विकास एवं व्यवसाय विस्तार हेतु सहयोग प्रदान करता रहेगा।
इस अवसर पर सलिल झोकरकर, उप महाप्रबंधक, नाबार्ड, क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल ने कहा कि संगठन में अपार शक्ति होती है और एफपीओ इसका सशक्त उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि एफपीओ के माध्यम से किसान सामूहिक रूप से बड़े स्तर पर व्यापार कर सकते हैं। कार्यक्रम में जितेन्द्र खेरनार, जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड, खंडवा, उद्यानिकी विभाग के उप संचालक, कृषि विज्ञान केन्द्र की वैज्ञानिक डॉ. डी.के. वाणी, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के रीजनल मैनेजर, सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आलोक यादव, एलडीएम, गणेश तईकर सहित अन्य अधिकारी व किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
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