सिकल सेल उन्मूलन अभियान आने वाली पीढ़ियों को देगा स्वस्थ भविष्य : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

खण्डवा: 19 जून 2026 अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर ओंकारेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन अभियान देश की भावी पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें इस गंभीर आनुवंशिक बीमारी के उन्मूलन के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही हैं और मध्यप्रदेश ने इस अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
राष्ट्रपति ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2023 में शहडोल से राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन की शुरुआत की गई थी। मध्यप्रदेश ने निर्धारित समय से पहले स्क्रीनिंग लक्ष्य पूरा कर देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि देशभर में करोड़ों लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जो आनुवंशिक रोगों की जांच का विश्व स्तर पर सबसे बड़ा अभियान है।
कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल केवल स्वास्थ्य समस्या नहीं बल्कि जनजातीय समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़ी गंभीर चुनौती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 1.32 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और लगभग 96 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने डिजिटल जेनेटिक कार्ड को विवाह से पहले मिलान के लिए उपयोगी बताते हुए इसे समाज के लिए “जन्मकुंडली” के समान बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि भावी पीढ़ियों को सुरक्षित रखने का जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे परिवार और कई पीढ़ियों को प्रभावित करती है, इसलिए इसकी रोकथाम समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में गर्भवती महिलाओं की पहचान, जेनेटिक काउंसलिंग, सिकल सेल कार्ड वितरण और जनजागरूकता के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इसके लिए 3700 से अधिक ‘सिकल मित्र’ सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
राष्ट्रपति ने सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने, जेनेटिक काउंसलिंग और व्यवहार परिवर्तन को आवश्यक बताते हुए कहा कि यदि इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य जारी रहा तो वर्ष 2047 से पहले ही भारत सिकल सेल उन्मूलन का लक्ष्य प्राप्त कर सकता है। उन्होंने सभी राज्यों से इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों, सरपंचों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार, जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह, राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रभारी मंत्री धर्मेन्द्र लोधी, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
सिकल सेल मुक्त मध्यप्रदेश का संकल्प अब जनसहभागिता के साथ जनआंदोलन का रूप ले चुका है और सरकार का लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों को इस गंभीर आनुवंशिक बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित करना है।
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