ओंकारेश्वर को इंदौर में शामिल करने के बयान पर भड़के कांग्रेस नेता उत्तम पाल, सरकार से पूछे कई सवाल
खंडवा। मांधाता विधायक नारायण पटेल द्वारा जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में दिए गए बयान को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। विधायक ने बैठक के दौरान ओंकारेश्वर में विकास और व्यवस्थाओं के लिए बजट की कमी का हवाला देते हुए ओंकारेश्वर को इंदौर नगर निगम क्षेत्र में शामिल किए जाने की बात कही थी। उनके इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
कांग्रेस के जिला ग्रामीण अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने विधायक के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ओंकारेश्वर न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह खंडवा जिले की पहचान भी है। ऐसे में इसे किसी अन्य जिले या नगर निगम में शामिल करने की बात करना क्षेत्र की जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
उत्तम पाल सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ओंकारेश्वर में विकास कार्यों और व्यवस्थाओं के लिए बजट की कमी है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र में लंबे समय से भाजपा की सरकार है, ऐसे में बजट की कमी का बहाना बनाना सरकार की विफलता को दर्शाता है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि ओंकारेश्वर देश और दुनिया में प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके बावजूद यदि बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, तो सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए।
उन्होंने सरकार और विधायक से स्पष्ट करने की मांग की कि आखिर ओंकारेश्वर को इंदौर नगर निगम में शामिल करने की आवश्यकता क्यों महसूस की जा रही है और इससे स्थानीय जनता को क्या लाभ होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता की राय लिए बिना इस तरह के बयान देना उचित नहीं है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि ओंकारेश्वर की पहचान और खंडवा जिले के हितों से जुड़े मुद्दों पर कोई भी निर्णय जनता की भावनाओं के विपरीत लिया गया, तो पार्टी इसका विरोध करेगी।
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