अब एक ही दुकान से किताब–यूनिफार्म खरीदने की बाध्यता खत्म..खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता का बड़ा और राहत भरा आदेश
अब एक ही दुकान से किताब–यूनिफार्म खरीदने की बाध्यता खत्म..खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता का बड़ा और राहत भरा आदेश
खंडवा | 23 जनवरी 2026
खंडवा जिले के विद्यार्थियों और अभिभावकों को बड़ी राहत देते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री ऋषव गुप्ता ने निजी स्कूलों की एकाधिकार प्रवृत्ति पर सख्त रोक लगा दी है।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब कोई भी स्कूल संचालक विद्यार्थियों को किसी एक ही दुकान से यूनिफार्म, जूते, टाई, किताबें, कॉपियां या अन्य स्टेशनरी सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।
10 फरवरी तक वेबसाइट पर जानकारी अपलोड करना अनिवार्य
जारी आदेश के अनुसार जिले के सभी निजी स्कूलों को अपनी प्रत्येक कक्षा के लिए अनिवार्य पुस्तकों की सूची एवं यूनिफार्म की पूरी जानकारी 10 फरवरी 2026 तक स्कूल की वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी।
इसके साथ ही यह जानकारी विद्यालय परिसर के किसी सार्वजनिक स्थान पर चस्पा करना भी अनिवार्य किया गया है। मान्यता नियमों के अंतर्गत विद्यालय की स्वयं की वेबसाइट होना आवश्यक है।
अभिभावकों को सूची देना और 3 विक्रेताओं के नाम तय
कलेक्टर श्री गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि
प्रवेश के समय और परीक्षा परिणाम के समय
विद्यार्थियों के अभिभावकों को पुस्तकों की सूची अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।
स्कूल सत्र प्रारंभ होने से एक माह पूर्व
कम से कम तीन विक्रेताओं के नाम वेबसाइट पर अपलोड किए जाएं।
पूरे सेट खरीदने की बाध्यता नहीं
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी विक्रेता किसी भी कक्षा के पूरे सेट को खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा।
यदि किसी विद्यार्थी के पास पुरानी किताबें उपलब्ध हैं, तो उसे केवल आवश्यक पुस्तकें ही उपलब्ध कराई जाएंगी।
यूनिफार्म 3 साल तक नहीं बदलेगी
विद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि यूनिफार्म का निर्धारण इस प्रकार किया जाए कि उसमें कम से कम तीन वर्ष तक कोई परिवर्तन न हो।
इसके अलावा किसी भी पुस्तक, कॉपी या कवर पर विद्यालय का नाम छापना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
एनसीईआरटी / एससीईआरटी अनिवार्य
सभी विद्यालयों को अपने पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी या एससीईआरटी की पुस्तकों को ही शामिल करना होगा।
अत्यावश्यक स्थिति में पीटीए की सहमति से अधिकतम दो निजी प्रकाशकों की पुस्तकें जोड़ी जा सकेंगी, वह भी ऐसी जो बाजार में आसानी से उपलब्ध हों।
कक्षा अनुसार बस्ते के वजन की सीमा तय
कलेक्टर द्वारा कक्षा-वार बस्ते के वजन की सीमा भी निर्धारित की गई है—
कक्षा 1–2 : 1.6 से 2.2 किलोग्राम
कक्षा 3–5 : 1.7 से 2.5 किलोग्राम
कक्षा 6–7 : 2.0 से 3.0 किलोग्राम
कक्षा 8 : 2.5 से 4.0 किलोग्राम
कक्षा 9–10 : 2.5 से 4.5 किलोग्राम
कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए बस्ते का वजन विषय स्ट्रीम के अनुसार शाला प्रबंधन समिति द्वारा तय किया जाएगा।
उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इसका उल्लंघन करने पर
भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
नियमों की अवहेलना की स्थिति में स्कूल के प्राचार्य, संचालक, प्रबंधक तथा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सभी सदस्य दोषी माने जाएंगे।
यह प्रतिबंधात्मक आदेश 30 अप्रैल 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
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