पति की सेवा के लिए वर्षों तक नहीं लिया प्रमोशन, अब खंडवा में ही पदोन्नत हुईं सुधा सोनी

खंडवा। जिला पुलिस बल खंडवा में कार्यरत सहायक उपनिरीक्षक सुधा सोनी की कहानी कर्तव्य, पारिवारिक जिम्मेदारी और सेवा भावना का उदाहरण है। पुलिस विभाग में वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने पदोन्नति के अवसरों के बावजूद अपने पति की देखभाल और सहयोग को प्राथमिकता दी। अब गृह जिले खंडवा में ही पदोन्नति मिलने पर उन्होंने सहायक उपनिरीक्षक के पद पर पदभार ग्रहण किया है।
जानकारी के अनुसार, सुधा सोनी वर्ष 1988 में जिला पुलिस बल खंडवा में आरक्षक के पद पर भर्ती हुई थीं। अपनी मेहनत और विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वर्ष 1998 में वे प्रधान आरक्षक के पद पर पदोन्नत हुईं।
सुधा सोनी का विवाह वर्ष 1994 में दिव्यांग व्यक्ति से हुआ। उनके पति जिला न्यायालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। बताया गया कि दैनिक कार्यों में भी उनके पति को सुधा सोनी के सहयोग की आवश्यकता रहती है। प्रधान आरक्षक के बाद पदोन्नति स्वीकार करने पर उन्हें खंडवा जिले से बाहर पदस्थ होना पड़ सकता था। ऐसे में पति को होने वाली परेशानियों को देखते हुए उन्होंने वर्षों तक पदोन्नति नहीं लेने का निर्णय लिया और परिवार की जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी।
लंबे इंतजार के बाद जब उन्हें गृह जिले खंडवा में ही पदोन्नति का अवसर मिला तो उन्होंने सहायक उपनिरीक्षक के पद पर पदोन्नति स्वीकार कर पदभार ग्रहण किया। पदोन्नति के अवसर पर पुलिस अधीक्षक अगम जैन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र तारणेकर ने उन्हें स्टार लगाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
सुधा सोनी का परिवार भी अपने-अपने क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उनकी पुत्री शाम्भवी सोनी पुणे में यूको बैंक में लॉ ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि पुत्र प्रत्यक्ष सोनी नेशनल स्तर के टेनिस खिलाड़ी हैं।
वर्षों तक पति की देखभाल और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ पुलिस विभाग में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने वाली सुधा सोनी की यह कहानी सेवा, समर्पण और पारिवारिक दायित्वों के बीच संतुलन की एक प्रेरक मिसाल प्रस्तुत करती है।
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