खंडवा: बंजर जमीन पर चमत्कार? 151 त्रिवेणी पौधे तेजी से बढ़े, ट्यूबवेल से ओवरफ्लो हुआ पानी
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में श्री दादाजी इंजीनियरिंग कॉलेज के बाहर हुई एक घटना इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। कोई इसे चमत्कार मान रहा है, तो विज्ञान इसके पीछे अपने तर्क तलाश रहा है।
दरअसल, इंदौर रोड स्थित श्री दादाजी इंजीनियरिंग कॉलेज के बाहर वन विभाग की बंजर भूमि थी। इस जमीन पर वन विभाग की टीम दो बार पौधारोपण कार्यक्रम कर चुकी थी, लेकिन गहरी खुदाई के बावजूद पौधारोपण सफल नहीं हो पाया।
इसके बाद गुरमीत सिंह उबेजा के नेतृत्व में एक समिति बनाई गई और इसी स्थान को त्रिवेणी संगम विहार नाम देकर यहां 151 त्रिवेणी के पौधे लगाए गए।
हैरानी की बात यह रही कि जिस जमीन पर पहले पौधारोपण सफल नहीं हो पाया था, उसी जगह लगाए गए ये पौधे देखते ही देखते तेजी से बढ़ने लगे और आज कई पौधे 10 फीट से भी अधिक ऊंचाई के हो चुके हैं।
लेकिन इस जगह पर चर्चा तब और बढ़ गई, जब यहां बोरिंग कर ट्यूबवेल लगाया गया। ट्यूबवेल सफल रहा और जमीन से पानी निकलने लगा।
इसके बाद जो हुआ, उसने लोगों को हैरान कर दिया।
ट्यूबवेल से पानी ओवरफ्लो होकर अपने आप बाहर निकलने लगा। इतना ही नहीं, पानी जिस प्रेशर के साथ बाहर आ रहा है, उसे देखकर मौके पर मौजूद लोग भी दंग रह गए।
अब इस पूरे मामले को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था और चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि विज्ञान के नजरिए से इसके पीछे भूगर्भीय जलस्तर और प्राकृतिक कारणों को समझने की कोशिश की जा रही है।
आखिर जिस जमीन पर पौधारोपण तक सफल नहीं हो पाया था, वहां पौधे इतनी तेजी से कैसे बढ़े?
और ट्यूबवेल से अचानक इतना पानी और इतना दबाव कैसे आया?
इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए यह जगह अब लोगों के बीच कौतूहल का विषय बनी हुई है। चमत्कार या विज्ञान—सच्चाई क्या है, यह जांच और वैज्ञानिक अध्ययन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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