खंडवा का भकराड़ा बना ‘खाकी गांव’: एक ही परिवार के 3 सगे भाई सहित 7 युवाओं ने पास की पुलिस भर्ती
खंडवा (मध्य प्रदेश): खंडवा जिला मुख्यालय से लगे भकराड़ा गांव से एक बेहद प्रेरणादायक खबर सामने आई है। यहां एक ही आदिवासी परिवार के 3 सगे भाइयों सहित कुल 7 युवाओं का चयन मध्य प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में हुआ है, जिससे पूरे गांव में उत्साह और गर्व का माहौल है।
एक ही परिवार से तीन भाइयों ने रचा इतिहास
भर्ती परीक्षा में चयनित युवाओं में रविंद्र डावर, ललित डावर और गुलाब डावर—तीनों सगे भाई शामिल हैं। इनके साथ राहुल मोरे और तीन बेटियां रेणु चौहान, लीला चौहान और रानू जामोद ने भी कांस्टेबल पद पर सफलता हासिल की है।
इंदौर में तैयारी, गांव में मेहनत
इन सभी युवाओं ने इंदौर में रहकर भर्ती की तैयारी की। खास बात यह रही कि पढ़ाई के साथ-साथ जब भी ये गांव लौटे, इन्होंने अपने परिवार के साथ खेतों में काम कर खेती-किसानी में भी पूरा सहयोग दिया।
पहले से ही ‘वर्दी वाला गांव’
भकराड़ा गांव पहले से ही सुरक्षा सेवाओं में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। गांव के 20 से ज्यादा युवा पहले से पुलिस और सेना में सेवाएं दे रहे हैं, जिससे यहां का माहौल युवाओं को लगातार प्रेरित करता है।पि
पिछले साल भी बना था रिकॉर्ड
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी इसी गांव की तीन सगी बहनों का चयन मध्य प्रदेश पुलिस में हुआ था, जिसने पूरे क्षेत्र में चर्चा बटोरी थी।
प्रेरणा बन रही नई पीढ़ी
खेती-किसानी जैसे साधारण पारिवारिक बैकग्राउंड से निकलकर इन युवाओं की सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, लगन और सही दिशा हो तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता।
भकराड़ा गांव आज सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि उन युवाओं के लिए मिसाल बन चुका है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने का हौसला रखते हैं।
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