स्कूलों में ही बनेंगे विद्यार्थियों के आधार कार्ड 1 अप्रैल से 15 मई तक स्कूलों में लगेंगे शिविर

खण्डवा 27 मार्च 226, राज्य शिक्षा केन्द्र, स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश द्वारा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण अर्थात यूआईडीएआई के सहयोग से प्रदेश के स्कूलों में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ‘विद्यार्थियों के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार’ शिविर का अगला चरण 1 अप्रैल से शुरू किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके विद्यालय परिसर में ही आधार से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें नामांकन और अपडेट के लिए अलग से कहीं जाने की आवश्यकता न पड़े। पूर्व में यह कार्यक्रम 18 अगस्त से 31 अक्टूबर 2025 के बीच दो चरणों में आयोजित किया जा चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को लाभ मिला था।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लंबित बायोमेट्रिक अपडेट को पूर्ण करने के उद्देश्य से ‘विद्यार्थियों के लिए आधार, अब स्कूल के द्वार’ अभियान का अगला चरण प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान 1 अप्रैल से प्रारंभ होकर 15 मई तक संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को विद्यालय स्तर पर ही आधार से संबंधित सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
*प्रदेश में 500 से अधिक ऑपरेटर्स का चयन किया गया*
आधार शिविरों के कुशल संचालन के लिए लगभग 500 से अधिक ऑपरेटर्स का चयन किया गया है। इसके साथ ही इस सबंध में शालाओं के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित भी किया गया है कि वे यूडीआईएसई-प्लस पोर्टल से उन विद्यार्थियों की सूची अद्यतन कर लें जिनके आधार में एमबीयू पेंडिंग हैं। ऐसे विद्यार्थियों को आधार अपडेट कराने के लिये जागरूक करें और इसके लिए एक रोस्टर बनाएं।
स्कूल शिक्षा विभाग की यह पहल मुख्य रूप से बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट एमबीयू पर केंद्रित है। जिसमें उनके आधार में उंगलियों के निशान, आइरिस स्केन और एक तस्वीर अपडेट करना शामिल है। पहला अपडेट तब आवश्यक है जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाए। दूसरा एमबीयू तब आवश्यक है जब बच्चा 15 वर्ष का हो जाए। दूसरा एमबीयू 15 से 17 वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निःशुल्क है, लेकिन 17 वर्ष की आयु के बाद शुल्क लागू होता है।
अपडेटेड बायोमेट्रिक्स वाला आधार कार्ड, स्कूल प्रवेश, प्रवेश परीक्षा, छात्रवृत्ति और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इसीलिए सरकार समयबद्ध तरीके से विद्यार्थियों की 100 प्रतिशत अपार आईडी बनाने का भी लक्ष्य रख रही है। अपार आईडी विद्यार्थियों को उनके सभी शैक्षणिक क्रेडिट, जैसे स्कोर कार्ड, मार्कशीट, ग्रेड शीट, डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और सह-पाठ्यचर्या संबंधी उपलब्धियों को डिजिटल रूप से संग्रहित, प्रबंधित और एक्सेस करने में मदद करती है। यह आईडी शिक्षा जगत में छात्र के लिए एक स्थायी डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करती है। अपार आईडी के लिए महत्वपूर्ण है कि स्कूलों द्वारा अपार आईडी बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले यूडीआईएसई-प्लस पोर्टल में दर्ज छात्र का नाम, आधार कार्ड में दर्ज नाम से मेल खाना चाहिए।
स्कूल एडमीशन, प्रवेश परीक्षा, स्कॉलरशिप और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर डीबीटी प्रोग्राम जैसी सर्विस पाने के लिए स्टूडेंट के पास मौजूदा बायोमेट्रिक्स वाला आधार होना ज़रूरी है। स्टूडेंट्स के लिए सबसे नए बायोमेट्रिक्स वाला अपडेटेड आधार भी ज़रूरी है, क्योंकि एनटीए, यूपीएससी, जेईई, एनईईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए परीक्षा फॉर्म जमा करने और परीक्षा केन्द्रों में आगे एंट्री के लिए मोबाइल नंबर से जुड़ी आधार विवरण आवश्यक होता है। अपडेटेड आधार से स्टूडेंट की अपार आईडी भी आसानी से बन जाती है।
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