स्पोर्ट्स के लिए सबकुछ करेगी सरकार, सीएम डॉ. मोहन बोले- 230 विधानसभा क्षेत्रों में बनाएं स्टेडियम*

– *राजा भोज मल्टी क्लास सेलिंग चैम्पियनशिप-2026 पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह*
– *मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित*
– *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बदल गई खेलों की तस्वीर*
– *खेल मंत्री विश्वास सारंग ने खिलाड़ियों को किया प्रेरित*
भोपाल। ‘हम प्रदेश की 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम बनाने वाले हैं। हमने खेल की सभी विधाओं को लाकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेल दुनिया में भारत का मान-सम्मान बढ़ा रहा है। हम भी उनके इस संकल्प के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। मध्यप्रदेश भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि 18 खेलों में से 11 खेल अकादमियां राज्य में संचालित हैं। सरकार खेलों को लगातार प्रोत्साहित करेगी।’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 16 अगस्त को भोपाल के बोट क्लब पर कही। वे 16 अगस्त को राजा भोज मल्टी क्लास सेलिंग चैम्पियनशिप-2026 के पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम को खेल मंत्री विश्वास सारंग ने भी संबोधित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजादी के बाद खेलों पर जो ध्यान दिया जाना चाहिए था, वो नहीं दिया गया। आजादी से पहले मेजर ध्यानचंद ने ऐसा खेल दिखाया किअंग्रेजों को लगा कि उनकी हॉकी में चुंबक लगा है। बॉल उनकी हॉकी से बाहर ही नहीं जाती थी। एक बार हिटलर ने कहा था कि उनकी हॉकी चेक करो। उन्होंने कहा कि आज बदलते दौर में मध्यप्रदेश रिकॉर्ड बना रहा है। ओलंपिक-एशियाड-कॉमनवेल्थ, सभी में मध्यप्रदेश का योगदान जरूर होता है। उन्होंने कहा कि तीन पहले तक हमारा स्थान 14-15वां आता था, अब हम तीसरे स्थान तक आ गए हैं।
*केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं खेल*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत का प्रयास है कि ओलंपिक की मेजबानी मिले। भविष्य का भारत एक तरह का भारत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा नीति-2020 तैयार हुई। अब खेलों को खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रखा गया है, अब उसे कोर्स का हिस्सा बनाया गया है। अब खेलों के कोच को भी प्रमोशन दिया जा रहा है। हमने राज्य में सबसे पहले नई शिक्षा नीति को लागू किया। कोच भी असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर वाइस चांसलर के पद तक पहुंचें। हमें खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके कोच की भी चिंता करने की जरूरत है। सरकार स्पोर्ट्स का बजट भी लगातार बढ़ा रही है।
*संघर्ष पथ पर चलने की प्रेरणा*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमात्मा की दया से ये सावन का महीना और भोपाल का ये सुंदर मौसम अद्भुत छटा बिखेरते हैं। राजा भोज का ये ताल समुद्र की तरह दिखता है। इन हवाओं के बीच चलती ये नौकाएं आकर्षित करती हैं। जो खिलाड़ी जीते हैं उन्हें बहुत-बहुत बधाई। आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि भी है। वे राष्ट्रीय कवि शिव मंगल सिंह सुमन की पंक्तियां कहा करते थे, क्या हार में-क्या जीत में, किंचित नहीं भतभीत मैं, संघर्ष पथ पर जो मिला, यह भी सही-वह भी सही। पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी का जीवन लोकतंत्र को गौरवांवित करता है। वे एक अद्भुत राजनेता थे। हमारे लिए और सौभाग्य की बात है कि वे हमारे राज्य के ग्वालियर के निवासी थे। वे तीन बार प्रधानमंत्री बने। आज रानी अवंतीबाई लोधी का भी जन्मदिन है। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में अपना जीवन लगा दिया।
*खेलों का इतिहास हजारों साल पुराना*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे खेलों का इतिहास हजारों साल पुराना है। हमारे व्यक्तित्व की पहचान खेलों के आधार पर होती थी। उन्होंने कहा कि भगवान राम का माता सीता के साथ होने वाला स्वयंवर भी एक महान खेल रचना का हिस्सा था। उस वक्त भगवान राम ने अपने पुरुषार्थ से उस समय के महावीरों के बीच धनुष उठाकर अपना बल प्रदर्शित किया। इसी तरह भगवान कृष्ण को भी वृंदावन से मथुरा कुश्ती की प्रतियोगिता के लिए बुलाया गया था। इस प्रतियोगिता के माध्यम से छल करने का प्रयास किया गया। उस वक्त भगवान कृष्ण ने दिखाया कि भारत के दूध और दही की ताकत क्या होती है। भगवान ने कंस को अपने हाथों की ताकत से मारकर अपने खिलाड़ी होने का अहसास कराया।
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