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सीएम डॉ. यादव का ताबड़तोड़ एक्शन, लापरवाही बरतने वाले 1 तहसीलदार,2 पटवारी सहित 7 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित*

– *मुख्यमंत्री डॉ. मोहन जन-विश्वास योजना के तहत पहुंचे बड़वानी*

– *अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही पर जताई नाराजगी*
– *उत्कृष्ट काम करने वाले अधिकारियों का किया जाएगा सम्मान*

भोपाल/बड़वानी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 अगस्त को एक बार फिर सख्ती के मूड में दिखाई दिए। उन्होंने जनता के कामों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर ताबड़तोड़ एक्शन लेकर उन्हें निलंबित कर दिया। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम में शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब पर जिम्मेदारी निर्धारित कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय पर नामांतरण नही करने वाले तत्कालीन तहसीलदार आशा परमार सहित दो पटवारियों मांगीलाल नरगांवे और ललित बोरसे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा समय पर पीएम आवास की किश्त प्रदाय नहीं करने के मामले में दो मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) मायाराम सोलंकी, जगदीश धांगड़ व सहायक यंत्री राजू डावर को भी निलंबित तथा संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन इन्दौर एसके सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों का सम्मान किया जायेगा, लेकिन लापरवाही करने पर अधिकारी दण्डित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजपुर तहसील के अजय-लाल से समस्या के बारे में जानकारी लीं। शिकायतकर्ता अजय ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पंजीयन एवं राशि भुगतान संबंधी शिकायत, नवंबर 2025 में की थी। प्रक्रिया में परिवर्तन के कारण भुगतान में विलंब हुआ। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि वर्ष 2016 में उनके पिता की मृत्यु के बाद नामांतरण के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन नामांतरण वर्ष 2022 में हुआ। नामांतरण की प्रक्रिया में लगभग छह वर्ष का समय लगने को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित अवधि में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार आशा परमार वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर जिला धार को कार्य में लापरवाही एवं विलंब के लिए तथा साथ ही इस मामले में दोषी दो पटवारियों मांगीलाल नरगांवे और ललित बोरसे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।

*दो सीएमओ और एक सहायक यंत्री के निलंबन के निर्देश*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रकरण में शिकायतकर्ता रुपेश शर्मा से चर्चा की। शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2019 में आवेदन किया गया था। वर्ष 2022 में जियो टैग की प्रक्रिया की गई तथा वर्ष 2023 में किश्त जारी करने की प्रक्रिया हुई, लेकिन प्राथमिकता सूची में नाम नीचे होने के कारण उन्हें किश्त प्राप्त नहीं हो सकी। मकान बन जाने के बाद उन्हें 10 अगस्त को पहली किश्त प्राप्त हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय योजना के तहत पात्र हितग्राही को मकान निर्माण के लिए आवश्यक राशि समय पर प्राप्त न होना उचित नहीं है। उन्होंने प्रकरण में हुई देरी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अवधि में पदस्थ दोनो मुख्य नगर पालिका अधिकारियों मायाराम सोलंकी और जगदीश धाकड़ एवं सहायक यंत्री राजू डावर को निलंबित करने के निर्देश दिए। इसी प्रकरण में संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन इंदौर एस.के. सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

*संबल योजना की सहायता में विलंब पर कार्रवाई के निर्देश*
मध्यप्रदेश असंगठित शहरी-ग्रामीण कर्मकार मंडल संबल योजना के तहत अंत्येष्टि एवं अनुग्रह सहायता के प्रकरण में पानसेमल के शिकायतकर्ता हरि निमवा ठाकुर से संवाद किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि संबल योजना के तहत 11 अप्रैल 2019 को सहायता राशि के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन सहायता राशि प्राप्त नहीं हुई। प्रकरण की जांच में यह भी सामने आया कि प्राथमिकता सूची में नीचे नाम वाले हितग्राहियों को पहले लाभ प्राप्त हुआ तथा इस प्रकार के कुल 16 प्रकरण सामने आए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए आर्थिक सहायता योजनाएं संचालित की जाती हैं। ऐसे में पात्र व्यक्ति को लाभ मिलने में देरी पर, प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारी जनपद पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ सिंह ठाकुर को निलंबित करने के निर्देश दिए।

*मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के भुगतान में विलंब पर जाँच के निर्देश*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंधवा विकासखंड से संबंधित महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रकरण में शिकायतकर्ता मोहसिन मंसूरी तथा लाभार्थी मोहम्मद कैफ मंसूरी से चर्चा की। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके भांजे के लिए मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत आवेदन किया गया था। आवेदन से संबंधित संपूर्ण कार्रवाई समय पर पूर्ण कर ली गई थी, लेकिन बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान नहीं हो सका। बजट प्राप्त होने के बाद नौ माह की राशि का एकमुश्त भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भुगतान में हुए विलंब के कारणों की जांच कराने के निर्देश दिए।

*पशु बीमा राशि के भुगतान में विलंब, जांच के निर्देश*
सेंधवा विकासखंड से संबंधित पशुपालन एवं डेयरी विभाग के पशु बीमा प्रकरण में शिकायतकर्ता भाव सिंह मुवाक्य तथा लाभार्थी हरी जगन मेहता के मामले में भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समीक्षा की। शिकायतकर्ता ने पशु की मृत्यु के बाद बीमा राशि समय पर प्राप्त नहीं होने की जानकारी दी। प्रकरण में बताया गया कि पशु की मृत्यु के दो दिन के भीतर पोस्टमार्टम एवं आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई थी, लेकिन बीमा कंपनी में तकनीकी समस्या के कारण भुगतान नहीं हो सका। लगातार प्रयासों के बाद बीमा राशि का भुगतान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एल-3 स्तर पर कुक्कुट विकास निगम द्वारा प्रकरण को स्पेशल क्लोज किए जाने के संबंध में भी जानकारी ली। संपूर्ण प्रक्रिया में दो वर्ष से अधिक का समय लगने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीमा कंपनी की उदासीनता तथा भोपाल स्तर पर हुई संभावित त्रुटि की जांच कराने और जांच में गलती पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

*समस्याओं के निराकरण के विलंब स्वीकार्य नहीं*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ समय-सीमा में मिले तथा शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब नहीं हो। उन्होंने लंबित प्रकरणों में जवाबदेही तय करते हुए त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आमजन को अपने अधिकार और योजनाओं के लाभ के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायतों के निराकरण में विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए उसका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को और मजबूत करना तथा समस्याओं का मौके पर प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन अथवा शिकायतों के निराकरण में लापरवाही और अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय कर कार्यवाही की जाएगी।

Anoop Kumar Khurana

Publisher and Editor Anti corruption and crime update & ACACU DIZITEL

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