मिशन पुनर्मिलन: चॉकलेट ने जीता 14 साल की किशोरी का भरोसा, फिर हुई घर वापसी

मध्यप्रदेश के खंडवा में बाल कल्याण समिति के ‘मिशन पुनर्मिलन’ के तहत गोवा से लापता 14 वर्षीय किशोरी को आवश्यक विधिक प्रक्रिया और काउंसलिंग के बाद सुरक्षित उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया।
जानकारी के अनुसार गोवा के नॉर्थ क्षेत्र की कक्षा 9 में पढ़ने वाली किशोरी 7 अगस्त 2026 को घर से बिना बताए चली गई थी। परिजनों ने तलाश के बाद थाने में गुमशुदगी और अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। तलाश के दौरान किशोरी के दिल्ली जाने वाली गोवा एक्सप्रेस में होने की जानकारी सामने आई। ट्रेन के खंडवा पहुंचने पर आरपीएफ ने किशोरी को एक 21 वर्षीय युवक के साथ बरामद किया।
नाबालिग होने के कारण किशोरी को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने किशोरी की मन:स्थिति को देखते हुए काउंसलिंग के औपचारिक माहौल को सहज बनाने का प्रयास किया। उन्होंने किशोरी को चॉकलेट दी, जिसे उसने स्वीकार कर लिया। इस छोटे से आत्मीय प्रयास से माहौल सहज हुआ और किशोरी ने समिति के सामने अपनी बात खुलकर रखी।
समाजसेवी सुनील जैन के अनुसार समिति अध्यक्ष प्रवीण शर्मा के साथ सदस्य मोहन मालवीय, रुचि पाटिल, स्वप्निल जैन और कविता पटेल ने किशोरी को बाल-मित्र एवं भयमुक्त वातावरण में समझाइश दी और उसकी बात ध्यानपूर्वक सुनी।
काउंसलिंग के दौरान किशोरी ने बताया कि युवक उसके घर के पास रहता है और दोनों के बीच करीब एक वर्ष से संबंध थे। किशोरी के अनुसार वह अपनी इच्छा से युवक के साथ लखनऊ घूमने और विवाह के उद्देश्य से घर से निकली थी। समिति ने किशोरी और उसके माता-पिता की अलग-अलग तथा संयुक्त काउंसलिंग की।
गोवा पुलिस युवक को कस्टडी में लेकर गई
किशोरी के माता-पिता और गोवा पुलिस खंडवा पहुंचे। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद गोवा पुलिस के सब इंस्पेक्टर अमय नाइक एवं लेडी सब इंस्पेक्टर मदुरा एम. सुतोदकर ने 21 वर्षीय युवक को कस्टडी में लिया और आगे की कार्रवाई के लिए गोवा ले गए। वहीं किशोरी को उसके माता-पिता की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया।
बेटी को देखकर छलक पड़े खुशी के आंसू
किशोरी को सुरक्षित देखकर उसके माता-पिता भावुक हो गए। उन्होंने बाल कल्याण समिति का आभार जताया। वहीं गोवा पुलिस ने भी किशोरी को बाल-मित्र वातावरण उपलब्ध कराने, उसकी काउंसलिंग करने और परिवार से सुरक्षित पुनर्मिलन कराने में समिति की भूमिका की सराहना की।
“बच्चों को पहले भरोसा चाहिए”—प्रवीण शर्मा
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में सबसे पहले उन्हें सुरक्षित महसूस कराना जरूरी है। ‘मिशन पुनर्मिलन’ का उद्देश्य केवल बच्चे को बरामद कराना नहीं, बल्कि उसकी सुरक्षा, गरिमा और सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए उसे सुरक्षित रूप से परिवार से जोड़ना है।
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