सिंगाजी की दो बहनों ने केनाइंग में मचाई धूम, कावेरी ने जीते 3 गोल्ड तो दीपिका ने 2 सिल्वर समेत 3 पदक

खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के सिंगाजी क्षेत्र की दो बहनों ने केनाइंग खेल में शानदार प्रदर्शन कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। परिवार की आजीविका में सहयोग के लिए कभी छोटी नाव से मछली पकड़ने वाली कावेरी डिमर और उनकी छोटी बहन दीपिका डिमर आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।
भोपाल के लोअर लेक में आयोजित अश्मिता नेशनल प्रतियोगिता में दोनों बहनों ने मिलकर कुल 6 पदक हासिल किए। सीनियर वर्ग में कावेरी डिमर ने तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए, जबकि जूनियर वर्ग में दीपिका ने दो रजत और एक कांस्य पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया।
कावेरी ने तीन स्पर्धाओं में जीते स्वर्ण
सीनियर वर्ग में खेल रहीं कावेरी डिमर ने महिलाओं की सी-2 1000 मीटर, सी-4 1000 मीटर और सी-4 500 मीटर स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों में स्वर्ण पदक जीते।
वहीं जूनियर वर्ग में दीपिका डिमर ने सी-1 महिला 500 मीटर में कांस्य पदक तथा सी-1 महिला 200 मीटर और सी-4 महिला 200 मीटर में दो रजत पदक हासिल किए।
कावेरी के नाम 50 से अधिक पदक
समाजसेवी एवं प्रवक्ता सुनील जैन के अनुसार, कावेरी डिमर का खेल सफर संघर्ष और उपलब्धियों से भरा रहा है। वह अब तक 50 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं। इनमें स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक शामिल हैं।
छोटी बहन दीपिका भी अपनी बड़ी बहन के नक्शेकदम पर आगे बढ़ रही हैं। वह अब तक 20 से अधिक पदक अपने नाम कर चुकी हैं।
छोटी नाव से शुरू हुआ सफर, अब राष्ट्रीय पहचान
कावेरी और दीपिका का खेल सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। परिवार की आजीविका में सहयोग करने के लिए दोनों बहनें छोटी नाव से मछली पकड़ने का काम करती थीं। पानी और नाव से उनका यही जुड़ाव आगे चलकर उन्हें केनाइंग खेल की ओर ले गया।
लगातार मेहनत, अभ्यास और लगन के दम पर दोनों बहनों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार पदक जीतना उनकी प्रतिभा और संघर्ष की कहानी बयां करता है।
समाजसेवी सुनील जैन ने कावेरी और दीपिका को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि दोनों बहनों की सफलता सिंगाजी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे खंडवा जिले के लिए गौरव की बात है। उनकी उपलब्धियां यह संदेश देती हैं कि प्रतिभा को मेहनत और सही अवसर मिले तो वह किसी भी परिस्थिति में अपनी अलग पहचान बना सकती है।
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