खंडवा: शराब के खिलाफ महिलाओं का जनआंदोलन, गांव को नशामुक्त बनाने की जंग शुरू
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ग्राम टाकली कलां में महिलाओं ने शराब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शराब के कारण बर्बाद होते परिवारों और बिगड़ते सामाजिक माहौल से परेशान महिलाओं ने एकजुट होकर गांव को शराब मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। महिलाएं पिछले करीब एक सप्ताह से गांव में घर-घर पहुंचकर लोगों को जागरूक करने के साथ अवैध शराब के निर्माण और बिक्री का विरोध कर रही हैं।
संयुक्त समिति की जिला अध्यक्ष ममता मोरे के नेतृत्व में महिलाओं की समिति लगातार अभियान चला रही है। महिलाएं पंचायत में एकत्रित होने के बाद गांव की गलियों और मोहल्लों में भ्रमण कर ग्रामीणों को समझाइश दे रही हैं कि गांव में कोई भी कच्ची शराब न बनाए। साथ ही जहां कहीं अवैध रूप से शराब बेची जा रही है, उसका विरोध करने की अपील की जा रही है।
किराना दुकानों पर अवैध शराब बिक्री का आरोप
महिलाओं का आरोप है कि गांव में कच्ची शराब बनाए जाने के साथ कुछ किराना दुकानों पर भी अवैध रूप से पक्की शराब बेची जा रही है। महिलाओं ने प्रशासन से ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।
महिलाओं का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि गांव में शराब के कारण परिवारों को हो रहे नुकसान को रोकना और आने वाली पीढ़ी को नशे से बचाना है।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
अपनी मांग को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्राम टाकली कलां की महिलाएं खंडवा कलेक्ट्रेट पहुंचीं। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं ने ज्ञापन सौंपकर गांव में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
महिलाओं का कहना है कि शराब की लत के कारण गांव के कई परिवार प्रभावित हुए हैं। उनका दावा है कि कई युवा और बुजुर्ग शराब की लत के कारण बर्बादी की ओर जा चुके हैं और कुछ लोगों की असमय मृत्यु भी शराब के कारण हुई है।
‘लाड़ली बहना की राशि और घर का राशन तक हो रहा प्रभावित’
महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि कुछ पुरुष शराब के लिए घर की आर्थिक स्थिति तक खराब कर रहे हैं। महिलाओं का आरोप है कि कहीं लाड़ली बहना योजना के तहत मिलने वाली राशि लेकर शराब पी जाती है तो कहीं घर का राशन बेचकर शराब के लिए पैसे जुटाए जाते हैं।
महिलाओं का कहना है कि इसका सीधा असर बच्चों और पूरे परिवार पर पड़ रहा है। परिवार आर्थिक संकट के साथ मानसिक परेशानियों का भी सामना कर रहे हैं।
बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए शुरू की मुहिम
महिलाओं ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अपने परिवार और बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना है। वे चाहती हैं कि शराब के कारण परिवार उजड़ने से बचें, बच्चे सुरक्षित रहें और ग्राम टाकली कलां नशे की गिरफ्त से बाहर निकले।
समिति अध्यक्ष ममता मोरे के नेतृत्व में शुरू हुआ यह अभियान अब पंचायत की गलियों से निकलकर खंडवा कलेक्ट्रेट तक पहुंच चुका है। महिलाओं ने स्पष्ट किया है कि गांव में अवैध शराब का निर्माण और बिक्री बंद होने तक वे अपनी आवाज उठाती रहेंगी।
वहीं ग्रामीण रामनारायण दशोरे ने भी महिलाओं की इस मुहिम का समर्थन करते हुए गांव में शराब के कारण परिवारों पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर अपनी बात रखी।
अब महिलाओं की मांग पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर ग्राम टाकली कलां के ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।
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