असंगठित श्रमिकों को पेंशन की सुविधा दिलाएगी “पी एम श्रमयोगी मानधन” योजना*
भारत सरकार ने असंगठित श्रमिकों के लिए वृद्धावस्था सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु “प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना” शुरू की है। असंगठित कामगार जैसे कि रिक्शा चालक, फेरीवाले, लेबर, घरेलू कामगार, दर्जी, पान वाले, छोटी दुकानो वाले या इसी तरह के अन्य कामगार जिनकी कि मासिक आय 15,000 रुपये प्रतिमाह या उससे कम है, वे इस योजना के माध्यम से पेंशन सुविधा का लाभ ले सकते हैं। इस योजना के तहत हितग्राही मजदूर की आयु 18-40 वर्ष के बीच होना चाहिए। जिला श्रम पदाधिकारी श्री अनिल मलगाया ने बताया कि नई पेंशन योजना, कर्मचारी राज्य बीमा निगम या कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अंतर्गत लाभान्वित मजदूर इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि यह एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है, जिसमें लाभार्थी को अपनी उम्र के हिसाब से प्रतिमाह निश्चित अंशदान देना होगा एवं उतना ही अंशदान सरकार भी लाभार्थी के खाते मे जमा कराएगी।
इस योजना के तहत लाभार्थी की आयु 60 वर्ष की होने के बाद प्रति माह 3000/- रुपये की न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन प्राप्त होगी। पेंशन प्राप्त करने के दौरान यदि लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो लाभार्थी के जीवनसाथी या नामांकित व्यक्ति को लाभार्थी द्वारा प्राप्त पेंशन का 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन के रूप में प्राप्त करने का अधिकार होगा। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना के लिए इच्छुक मजदूर अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर जाकर पंजीयन करा सकते हैं। कॉमन सर्विस सेंटर में उन्हें अपने साथ आधार कार्ड और बचत बैंक खाते की पासबुक ले जाना होगी। इसके अलावा लाभार्थी स्वयं भी https://maandhan.in पोर्टल पर जा कर भी स्वयं भी पंजीयन कर सकते है। श्रमिक का ई-श्रम कार्ड होना अनिवार्य है । यदि ई-श्रम कार्ड नहीं है तो आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक से तुरंत ई-श्रम कार्ड बन जाता है।
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