*मध्यप्रदेश को मिली दोहरी सौगात, 2 हजार 935 करोड़ की लागत से बनेगी इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोर-लेन सड़क*

– *सीएम डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री खट्टर ने किया भूमि-पूजन*
– *2 हजार 548 करोड़ रुपये से अधिक के बनेंगे आवास*
– *38 हजार आवासों का हुआ गृह-प्रवेश*
– *हाईवे के लिए 28 गांवों के 916 किसानों को दिया 816 करोड़ रुपये का मुआवजा*
भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश के लिए 20 जून का दिन बेहद खास रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवसन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 2 हजार 548 करोड़ रुपये से अधिक के आवासों का भूमि-पूजन किया। इस भूमि-पूजन से 42 हजार से ज्यादा हितग्राहियों को लाभ होगा। उन्होंने 992 करोड़ रुपये से निर्मित 38 हजार आवासों का गृह-प्रवेश भी कराया। इसके साथ ही, उन्होंने 446 करोड़ की लागत से 116 परियोजनाओं का लोकार्पण और 310.82 करोड़ की कुल 37 परियोजनाओं का भूमि-पूजन भी किया। इसके अलावा सीएम डॉ. मोहन और केंद्रीय मंत्री खट्टर ने 2 हजार 935 करोड़ रुपये लागत से बनने वाली 48.10 किलोमीटर लंबी इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोर-लेन परियोजना का भी भूमि-पूजन भूजन किया। इससे इंदौर के 20, उज्जैन के 8 और आसपास के 40-50 गांव लाभान्वित होंगे। लोगों का घंटों का सफर अब मिनटों में पूरा होगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है इंदौर, उज्जैन और सांवेर को आज 5657 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिली है। यह प्रदेश की जनता के लिए ऐतिहासिक क्षण हैं। इंदौर के पितेृश्वर महादेव से बाबा महाकल तक आने के लिए सीधी सड़क का भूमि-पूजन हुआ है। यह परियोजना पीथमपुर को निमाड़ क्षेत्र में आगे दिल्ली-मुंबई इकोनॉमिक कारिडोर से जोड़ेगी और क्षेत्र के लिए आर्थिक समृद्धि का अहम मार्ग बनेगी। राज्य सरकार ने किसानों की मांग पर इसकी ऊंचाई कम की है, जिससे किसानों को भी आवागमन के लिए लाभ मिलेगा। प्राचीन काल में इस मार्ग से 12 महीने साधु-संत और श्रद्धालु पैदल यात्रा करते थे। उज्जैन क्षेत्र विकास का नया पर्याय बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के शासनकाल में भारत ने देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है।
*कांग्रेस पर साधा निशाना*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सबसे पहले नक्सलवाद से मुक्त होने वाला राज्य बना है, लेकिन एक दौर ऐसा भी था, जिसमें नक्सलवादियों ने तत्कालीन सरकार के एक मंत्री की चौराहे पर सरेआम हत्या कर दी थी। कांग्रेस सरकार अपने मंत्री के हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाई, उन्हें वोट बैंक के लालच में नक्सलवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने में डर लगता था। हमारी सरकार ने लोकतंत्र को कलंकित करने वालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जो मार्ग चुना उससे देशभर में आतंकवाद की नई-नई फैक्ट्रियां खुलीं। आज देशभर से आतंकवाद का सफाया हो चुका है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार देश के अंदर और सीमाओं को सुरक्षित कर रही है।
*विकास का नया पर्याय बनेगा रोड*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फतेहाबाद और चंद्रावती कभी इंदौर-उज्जैन के बीच व्यापार-व्यवसाय का प्रमुख केंद्र रहा है। परांगत सड़क के साथ-साथ नया ग्रीन फील्ड रोड विकास का नया पर्याय बनेगा। यह रोड उज्जैन-इंदौर मेटोपोलिटन सिटी के लिए नए सूर्योदय के समान है। अब इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, धार और रतलाम तक 16 हजार वर्ग किलोमीटर में फैले मेट्रोपोलिटन एरिया में 6 रेलवे जंक्शन, 2 एयरपोर्ट, 4 हवाई पट्टी और 2 राजमार्ग शामिल होंगे। सड़क मार्ग उद्योग, व्यापार, कृषि और रोजगार सहित सभी क्षेत्रों के विकास में अहम योगदान देता है। अब फतेहाबाद को रेलवे के डबल ट्रैक की भी सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 में राज्य सरकार ने अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए हैं। मध्यप्रदेश ने देश में किसानों से सबसे अधिक गेहूं खरीदने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। प्रदेश के पौने 14 लाख किसानों से गेहूं उपार्जन कर प्रति क्विंटल 2625 रुपए का भुगतान किया है। हमारे किसान और युवा साथी व्यापार-व्यवसाय और रोजगार के लिए सड़कों पर मोटरसाइकिल या अन्य दो पहिया वाहन से चलें तो हेलमेट लगाएं। उनका जीवन सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार ने हेलमेट सुरक्षा अभियान चलाने का निर्णय लिया है। सड़क हादसों के समय हेलमेट लोगों की जान बचाने में ईश्वरीय भू्मिका में होता है। इसी क्रम में इंदौर प्रशासन यहां हेलमेट वितरण कर रहा है।
*सीएम डॉ. मोहन के नेतृत्व में हुए सराहनीय काम*
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि लगभग 2900 करोड़ की लागत के इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना से दोनों शहरों की दूरी कम होगी। उज्जैन धार्मिक और प्रेरणा की नगरी है और इंदौर आर्थिक और रोजगार का केंद्र है। उज्जैन-इंदौर मेट्रोपोलिटन एरिया के निर्माण से रोजगार, शिक्षा और अधोसंरचना का बड़े पैमाने पर विकास होगा। आज 38 हजार परिवारों को 2500 करोड़ रुपए लागत के आवासों में गृह-प्रवेश कराया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के 20 हजार छोटे व्यापारियों को स्वनिधि योजना के अंतर्गत 51 करोड़ राशि दी गई है। अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत सीवर और जल निकासी की परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ है। फायर ब्रिगेड के 36 स्टेशनों के वाहन और उपकरण दिए गए हैं। प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन के लिए तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज 5657 करोड़ रुपए विकास कार्यों के लिए जनता को समर्पित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उज्जैन में स्मार्ट सिटी के उत्कृष्ट कार्य हुए हैं। यह सराहनीय पहल है। डॉ. मोहन यादव एक दूरदर्शी सोच रखने वाले मुख्यमंत्री हैं, जो मध्य प्रदेश को बहुत आगे ले जाएंगे।
*किसानों को हुआ जबरदस्त फायदा*
जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर महाकाल की विशेष कृपा है। वे भव्य और दिव्य सिंहस्थ 2028 के आयोजन के लिए पूरे संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। इसी कड़ी में 2 हजार 935 करोड़ की लागत के इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना का भूमि-पूजन हुआ है। 48.10 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के लिए 28 गांवों के 916 किसानों को 816 करोड़ का मुआवजा दिया है। यह सड़क केवल इंदौर-उज्जैन का संगम नहीं है, बल्कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और गुजरात तक कनेक्टिविटी बनेगी।
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