जनजातीय नृत्य और संगीत से सजा “आदिरंग” महोत्सव, छनेरा में भव्य शुभारंभ

खंडवा, 20 मार्च 2026। जनजातीय नृत्य, संगीत एवं शिल्प कलाओं पर केंद्रित 3 दिवसीय “आदिरंग” महोत्सव का भव्य शुभारंभ शुक्रवार शाम छनेरा के स्टेडियम ग्राउंड में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर, नगर परिषद छनेरा के अध्यक्ष मुकेश वर्मा, जनपद पंचायत हरसूद की अध्यक्ष ममता सतीश सावनेर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री डॉ. विजय शाह ने अपने संबोधन में कहा कि “आदिरंग महोत्सव” आमतौर पर भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में आयोजित होता है, लेकिन छनेरा जैसे छोटे कस्बे में इस राज्य स्तरीय आयोजन की स्वीकृति मिलना गर्व की बात है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य आदिवासी लोककला, संस्कृति और उनके गौरवशाली इतिहास से आमजन को परिचित कराना है। मंत्री ने सभी नागरिकों को नववर्ष और नवरात्रि की शुभकामनाएं भी दीं।
कार्यक्रम की शुरुआत छनेरा के अरिहंत पब्लिक स्कूल की छात्रा तनीषा राजोरिया के एकल नृत्य से हुई, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया।
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पहले दिन रंगारंग प्रस्तुतियों ने बांधा समां
यह महोत्सव जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, भोपाल और जिला प्रशासन खंडवा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में जनजातीय जननायकों और माँ नर्मदा पर आधारित गीतों एवं कथाओं की चित्र प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही।
पहले दिन विभिन्न जनजातीय कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिनमें शामिल हैं—
पिथौरा भीली जल कथा नृत्य-नाट्य (पुनर्संयोजन: चन्द्रमाधव बारीक, भोपाल)
महाकाल ढोल प्रस्तुति (श्री बाबा बटेश्वर कीर्तन समिति, भोपाल)
भगोरिया नृत्य (भील जनजाति, कैलाश सिसोदिया एवं साथी, धार)
बधाई-नौरता नृत्य (रचना तिवारी एवं साथी, सागर)
करमा-फाग नृत्य (बैगा जनजाति, धनीराम बगदरिया एवं साथी, डिंडोरी)
राठ-होली नृत्य (राठवा जनजाति, बनसिंह राठवा एवं साथी, गुजरात)
सिंगारी नृत्य (अभिजीत दास एवं साथी, उड़ीसा)
तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में जनजातीय संस्कृति की विविधता, रंग और परंपराओं की अनूठी झलक देखने को मिलेगी।
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