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सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं के सुलभ क्रियान्वयन के लिये हेल्प डेस्क स्थापित
खण्डवा 16 अक्टूबर 2024 – आदिवासी जिले एवं 89 आदिवासी विकासखण्डों में सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं के सुलभ क्रियान्वयन के लिये अनुसूचित जनजाति ब्लॉक एवं जिले में सिंगल विंडो की तर्ज पर जनजातीय समुदाय के लोगों के लिये हेल्प डेस्क स्थापित किया जाना है। सहायक आयुक्त जनजतीय कार्य विभाग द्वारा बताया गया कि जिला स्तर एवं आदिवासी विकासखण्ड स्तर पर सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित आवेदन प्राप्त करने और इस संबंध में समुचित मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु लिपिकों को हेल्प डेस्क सहायक नियुक्त किया गया है। सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित जानकारी के लिए सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग खण्डवा के सहायक ग्रेड 3 श्री शिवाजी राव कड़ के मोबाइल नम्बर 9826566812 एवं आदिवासी विकासखण्ड कार्यालय खालवा के सहायक ग्रेड 3 श्री सुमित यादव के मोबाइल नम्बर 6260695415 पर सम्पर्क कर सकते है।
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हज यात्रियों के लिए मेडिकल फिटनेस हेतु निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर सम्पन्न
खण्डवा 16 अक्टूबर 2024 – श्री दादाजी धूनीवाले जिला चिकित्सालय में हज यात्रियों के मेडिकल फिटनेस के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं उपचार शिविर का आयोजन 16 अक्टूबर को किया गया। शिविर में श्री दादाजी धूनीवाले जिला चिकित्सालय की टीम, आर.एम.ओ. एवं सर्जरी रोग विशेषज्ञ डॉ. एम.एल. कलमे, डॉ. दीपशिखा इवने एम.डी. मेडिसिन, डॉ. नितिन कपूर, डॉ. गणेश माली मेडिकल ऑफिसर, डॉ. अनिल सोलंकी, डॉ. मुस्कान जायसवाल, श्री नरेंद्र लाढ़ नेत्र सहायक एवं नमिता डेविड नर्सिंग अधिकारी द्वारा सेवाएं दी गई।
प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. अतुल माने ने बताया कि शिविर में कुल 74 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें 45 पुरुष एवं 29 महिलाएं शामिल है। शिविर में बीपी, आरएफटी, आरबीएस, सीबीसी, ई.सी.जी. एक्स-रे, आँखों सहित अन्य सभी जांचे की गई एवं उन सभी को आवश्यक परामर्श दवाइयाँ एवं फिटनेस प्रमाण पत्र भी दिए गए। इस अवसर पर जिला हज कमेटी जिला अध्यक्ष मोहम्मद अयाज खान, सईद कुरैशी संरक्षण, हांजी समीर सचिव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण मौजूद थे।
(फोटो संलग्न)
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शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में किया जा रहा लार्वा सर्वे
खण्डवा 16 अक्टूबर 2024 – मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लार्वा सर्वे व उसका विनिष्टिकरण का कार्य किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी करण सिंह भूरिया ने बताया कि बुधवार को घरों व प्रतिष्ठानों में लार्वा सर्वे किया गया। साथ ही पम्पलेट वितरण करते हुये जनमानस को समझाईश दी गई कि छतों पर अनुपयोगी कबाड़, टायर को न रखें ताकि पानी एकत्रित न हो सकें। घर के अन्दर व बाहर जल स्त्रोतों बर्तनों को साप्ताहिक खाली कर साफ सफाई करें, घर के आसपास कुडा न फैंके। सार्वजनिक स्थलों में कन्टेनर की सफाई करें। उन्होंने बताया कि पूरी बाह के कपडे पहनने, सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, जालीदार दरवाजे, खिड़कियां लगाकर रखें। साथ ही बुखार आने पर नजदीकी शासकीय चिकित्सालय या स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं सेे खून की निःशुल्क जांच करावें। इस दौरान जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. योगेश शर्मा, मलेरिया निरीक्षक, सुपरवाइजर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता व आशा कार्यकर्ता मौजूद थे।
(फोटो संलग्न)
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डेंगू व चिकुनगुनिया से बचाव एवं नियंत्रण हेतु आवश्यक सलाह
खण्डवा 16 अक्टूबर 2024 – डेंगू, चिकुनगुनिया का आउटब्रेक, एपिडेमिक न हो इस हेतु अभी से बचाव व नियत्रंण के प्रभावी उपाय किये जाना आवश्यक है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि डेंगू बुखार (बीमारी) डेन नामक वायरस के कारण होती है एवं एडीज मच्छर के द्वारा फैलाई जाती है। एडीज मच्छर के काटने से बचाव कर एवं एडीज मच्छर की पैदाईश घरों में रोककर इस बीमारी से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि डेंगू फैलाने वाले मच्छर की उड़ान 400 मीटर की होती है। डेंगू पॉजीटीव केस आने पर मरीज के घर के चारों ओर 400 मीटर परिधि में डेंगू मच्छर के उत्पत्ति स्थलों का निरंतर निरीक्षण अथवा लार्वा सर्वे कर डेंगू मच्छर के उत्पत्ति स्थलों में मच्छर पैदा होने से रोकने हेतु साफ पानी के जल स्त्रोतों में लार्वा चेक किया जाता है एवं पानी खाली करवाकर मच्छर के पैदा होने से रोकते है। जिन जल स्त्रोतों कोे खाली न कर सकते हो उनमें टेमोफॉस का घोल अथवा जला हुआ आइल या केरोसीन आदि डालकर मच्छर पैदा होने से रोक सकते है।
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि वयस्क मच्छर को नष्ट करने के लिए पॉजीटीव मरीज के घर व आसपास के घरों में पायरेथ्रम का स्पेस स्प्रे अथवा पॉजीटीव घर में धुआं करने की सलाह दी जाती है। डेंगू एक वाइरस से होने वाली साधारण सी बीमारी है। उन्होंने बताया कि इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। समय से उपचार लेने पर यह बीमारी ठीक हो जाती है। इस बीमारी से बचाव हेतु मच्छर की उत्पत्ति स्थलों में पैदा होने से रोककर, मच्छरों से काटने से बचाव के उपाय कर बीमारी को फैलने से बचा जा सकता है। यह बीमारी छोटे बच्चे, बूढ़े इंसान व गर्भवती माताओं को अधिक प्रभावित करती है, क्योंकि यह मच्छर दिन के समय काटता है। सामान्यतः यह लोग अधिकतर समय घर में ही व्यतीत करते है। अतः इन्हें मच्छरों से काटने से बचाकर इस बीमारी से होने से रोका जा सकता है।
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