*अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के युवा स्वरोजगार के लिए आवेदन करें
वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु शासन से प्राप्त लक्ष्य अनुसार आदिवासी वित्त एवं विकास निगम तथा अंत्यावसायी निगम खण्डवा द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के सदस्यों को स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए एमपी ऑनलाइन के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। प्रभारी सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री बजरंग बहादुर ने बताया कि वर्ष 2026-27 में “टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना”, “भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना”, संत रविदास स्वरोजगार योजना तथा डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक युवा एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से अपना आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आवेदक का मूल निवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड, समग्र आईडी तथा आवेदक की पासपोर्ट साइज की एक फोटो होना आवश्यक है।
“भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना” एवं संत रविदास स्वरोजगार योजना के लिए आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपए से कम होनी चाहिए, तथा आवेदक कक्षा 8वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इस योजना के तहत स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने के लिए उद्योग इकाई के लिए 1 लाख से 50 लाख रुपए तक का ऋण स्वीकृत किए जाने का प्रावधान है। सेवा, इकाई एवं खुदरा व्यवसाय के लिए परियोजना राशि 1 लाख से 25 लाख तक स्वीकृत की जा सकती है। इस योजना के तहत आवेदक को ब्याज अनुदान 5 प्रतिशत 7 वर्ष के लिए देय होगा तथा गारंटी फीस प्रदेश सरकार भरेगी।
इसके अलावा “टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना” के तहत जनजातीय वर्ग के युवाओं को तथा भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। इन दोनों योजनाओं के लिए आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक आयकर दाता नहीं होना चाहिए। इन दोनों योजनाओं के तहत स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए बैंक के माध्यम से 10 हजार रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक की राशि, ऋण के रूप में दी जाती है। योजना के तहत ब्याज अनुदान 7 प्रतिशत 5 वर्ष के लिए देय होगा। गारंटी फीस प्रदेश सरकार द्वारा दी जाती है।
Read Next








