MP में कभी भी जारी हो सकती है ट्रांसफर लिस्ट, 18 जिलों के कलेक्टर-SP बदलेंगे

भोपाल: मध्यप्रदेश की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों बड़े फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, राज्य में जल्द ही आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की बहुप्रतीक्षित ट्रांसफर लिस्ट जारी हो सकती है। इस संबंध में मुख्यमंत्री Mohan Yadav और मुख्य सचिव Anurag Jain के बीच अहम मंथन हो चुका है।
बताया जा रहा है कि पहले चरण में करीब 18 जिलों के कलेक्टर और 20 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को बदला जा सकता है। राजधानी भोपाल समेत कई बड़े जिलों में नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना है, जिससे प्रशासनिक ढांचे में नई ऊर्जा देखने को मिल सकती है।
भोपाल कलेक्टर बदलने के संकेत, महिला अफसर को मिल सकती है जिम्मेदारी
राजधानी भोपाल में भी बदलाव की अटकलें तेज हैं। वर्तमान कलेक्टर विक्रम कौशलेंद्र सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है। वहीं उनकी जगह प्रियंक मिश्रा या किसी महिला आईएएस अधिकारी को कलेक्टर बनाया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार बड़े शहरों में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के मूड में नजर आ रही है।
मंत्रालय में भी होगा फेरबदल
जानकारी के अनुसार, कुछ जिलों के कलेक्टरों को मंत्रालय में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, शिवपुरी, रीवा, इंदौर, उमरिया और मैहर जैसे जिलों के कलेक्टरों को सचिवालय स्तर पर अहम दायित्व मिलने की संभावना है।
इसके अलावा वल्लभ भवन में पदस्थ कुछ अधिकारियों को फील्ड में भेजने की तैयारी भी चल रही है।
CMO तक पहुंचेगा असर
यह फेरबदल सिर्फ जिलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में भी बदलाव के संकेत हैं। वर्तमान सचिवों में से किसी एक का ट्रांसफर हो सकता है, वहीं नए सचिव की नियुक्ति की भी चर्चा है।
अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर पर भी बदलाव संभव हैं, जिससे शासन के शीर्ष स्तर पर नई कार्यशैली देखने को मिल सकती है।
पुलिस महकमे में भी हलचल
आईएएस अधिकारियों के साथ-साथ आईपीएस अधिकारियों में भी बड़े पैमाने पर बदलाव की तैयारी है। खंडवा, भिंड, धार, रीवा और झाबुआ समेत कई जिलों में एसपी बदले जा सकते हैं।
इसके अलावा प्रमोशन के बाद भी एसपी पद पर कार्यरत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
परफॉर्मेंस के आधार पर होगा फैसला
सूत्रों के अनुसार, इस बार ट्रांसफर प्रक्रिया में परफॉर्मेंस को सबसे बड़ा आधार बनाया जाएगा। बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को बड़े जिलों की जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कमजोर प्रदर्शन वाले अधिकारियों को बदला जा सकता है।
सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री Mohan Yadav की प्राथमिकता प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है। सरकार ऐसे अधिकारियों को आगे लाने पर जोर दे रही है जो योजनाओं को तेजी से जमीन पर लागू कर सकें और आम जनता को सीधा लाभ मिले।
निष्कर्ष
राज्य में प्रस्तावित इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को लेकर सभी की नजरें ट्रांसफर लिस्ट पर टिकी हुई हैं। अब देखना होगा कि यह सूची कब जारी होती है और किन जिलों में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं।
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