जिला जेल खंडवा में बंदियों को स्वरोजगार और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण
मध्यप्रदेश के खंडवा जिला जेल में बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके व्यक्तित्व विकास के लिए विभिन्न प्रशिक्षण एवं गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
जेल अधीक्षक डी.के. सारस ने बताया कि जन शिक्षण संस्थान खंडवा द्वारा बंदियों को पेंटिंग और गोंड आर्ट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे जेल से बाहर निकलने के बाद स्वरोजगार से जुड़ सकें।
इसके साथ ही ब्रह्मकुमारी बहनों एवं भाइयों द्वारा प्रतिदिन सुबह 7:30 से 8 बजे तक आध्यात्मिक ज्ञान की कक्षा संचालित की जा रही है। इन कक्षाओं के माध्यम से बंदियों के व्यवहार, सोच-विचार, भाषा-शैली और आपसी सम्मान की भावना में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।
बंदियों को स्वस्थ और अनुशासित जीवन के लिए योग, पीटी, भजन-कीर्तन और सामुदायिक प्रार्थना जैसी गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है। वहीं, निरक्षर बंदियों को साक्षरता कक्षाओं के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है।
जेल प्रशासन का उद्देश्य बंदियों को सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराकर उन्हें अनुशासित जीवन के साथ आत्मनिर्भर बनने के लिए तैयार करना है।
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