दतिया सीट पर सियासी हलचल तेज: क्या Narottam Mishra करेंगे दमदार वापसी?

मध्य प्रदेश की राजनीति में दतिया विधानसभा सीट एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गई है। पूर्व गृहमंत्री Narottam Mishra की बढ़ती सक्रियता ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। हाल ही में उनकी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal के साथ बंद कमरे में हुई मुलाकात ने अटकलों को और हवा दे दी है।
दरअसल, दतिया सीट से कांग्रेस विधायक Rajendra Bharti को बैंक धोखाधड़ी मामले में सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है। इसके चलते इस सीट पर उपचुनाव की संभावना बन गई है, जिससे सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।
2023 के विधानसभा चुनाव में नारोत्तम मिश्रा को इसी सीट से करीब 7,742 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उनके लिए एक बार फिर वापसी का मौका बनता दिख रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, मिश्रा और हेमंत खंडेलवाल के बीच हुई बैठक में संभावित उपचुनाव, उम्मीदवार चयन और रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। हालांकि, इस बैठक को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस फैसले को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। वहीं नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar पहले ही पार्टी के भीतर क्रॉस वोटिंग की आशंका जता चुके हैं, जिससे पार्टी की स्थिति कमजोर पड़ती दिख रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर उपचुनाव होता है, तो यह सीट बीजेपी के लिए बड़ी वापसी का मौका साबित हो सकती है। साथ ही यह चर्चा भी तेज है कि पार्टी नारोत्तम मिश्रा को राज्यसभा भेजने पर भी विचार कर सकती है।
निष्कर्ष:
फिलहाल सबकी नजरें अदालत के फैसले और आगामी राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं। दतिया सीट पर होने वाले फैसले से न सिर्फ एक नेता का भविष्य तय होगा, बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति की दिशा भी प्रभावित हो सकती है।
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