खंडवा के पुलिसकर्मी अफराज मिर्ज़ा से जुड़े मामले में NHRC ने लिया संज्ञान, डीजीपी और एसपी से दो सप्ताह में मांगी ATR
खंडवा | ACACU NEWS
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में पदस्थ पुलिसकर्मी अफराज मिर्ज़ा से जुड़े एक मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) और पुलिस अधीक्षक (SP), खंडवा को नोटिस जारी करते हुए शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर दो सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग की ओर से जारी पत्र के अनुसार, केस क्रमांक 1283/12/25/2026 में 24 जून 2026 को प्राप्त शिकायत पर 25 जून 2026 को विचार किया गया। इसके बाद आयोग ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया।
शिकायत में क्या लगाए गए हैं आरोप?
शिकायतकर्ता अशोक पालीवाल ने आरोप लगाया है कि खंडवा में पदस्थ पुलिसकर्मी अफराज मिर्ज़ा ने कथित रूप से अपनी वर्दी और पद का दुरुपयोग करते हुए कई महिलाओं और युवतियों से संबंध बनाए तथा उन्हें प्रताड़ित, धमकाने और ब्लैकमेल करने जैसे कृत्य किए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित पुलिसकर्मी ने सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं से संपर्क किया तथा उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल माध्यमों की जांच कर संभावित अन्य पीड़ितों की पहचान करने की मांग की गई है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मामले में मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बावजूद अब तक केवल विभागीय स्तर पर लाइन अटैच जैसी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
आयोग ने क्या कहा?
NHRC द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया मानवाधिकारों के उल्लंघन से संबंधित प्रतीत होते हैं। इसी आधार पर आयोग की पीठ ने मामले का संज्ञान लेते हुए मध्यप्रदेश के डीजीपी और खंडवा एसपी को शिकायत की जांच कराने तथा दो सप्ताह के भीतर विस्तृत Action Taken Report (ATR) आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि जांच रिपोर्ट की एक प्रति आयोग के निर्धारित ई-मेल पते पर भी भेजी जाए।
अभी जांच जारी है
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने केवल शिकायत के आधार पर संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी सक्षम न्यायालय द्वारा इन आरोपों को सिद्ध किया गया है। जांच पूरी होने और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
ACACU NEWS इस मामले में पुलिस विभाग, संबंधित पक्ष अथवा आयोग की ओर से आने वाले आधिकारिक अपडेट उपलब्ध होने पर अपने पाठकों तक तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाता रहेगा।
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